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suraj_bisht


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फगानिस्‍तान में तालिबान आतंकियों ने विद्रोहियों के गढ़ पंजशीर घाटी पर पूरी तरह से कब्‍जा करने का दावा किया है। यही नहीं तालिबानियों ने पंजशीर प्रांत के गवर्नर के कार्यालय बाहर खड़े होकर तस्‍वीर भी जारी की है। तालिबान ने पंजशीर घाटी के गवर्नर कार्यालय पर अपना झंडा भी फहरा दिया है। इस बीच विद्रोही नैशनल रेजिस्‍टेंस फोर्स ने तालिबान के दावे को गलत बताया है और कहा है कि अभी जंग जारी है। इस बीच पंजशीर में विद्रोहियों के नेता अहमद मसूद सुरक्षित स्‍थान पर चले गए हैं। उन्‍होंने कहा है कि तालिबानी उनसे नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि पाकिस्‍तानी सेना और आईएसआई यह जंग लड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि तालिबानी आतंकियों कई दिनों से चल रही घेरेबंदी के बाद रविवार रात को जोरदार हमला किया और पंजशीर के विद्रोहियों के किले को भी ध्‍वस्‍त कर दिया। इस तालिबानी-पाकिस्‍तानी हमले में ताजिक मूल के विद्रोही नेता अहमद मसूद को बड़ा झटका लगा है और उनके प्रवक्‍ता फहीम दश्‍ती और शीर्ष कमांडर जनरल साहिब अब्‍दुल वदूद झोर की मौत हो गई। मसूद के सुरक्षित स्‍थान पर चले जाने के बाद तालिबान ने सोमवार सुबह दावा किया कि उन्‍होंने पंजशीर पर पूरी तरह से कब्‍जा कर लिया है। इस बीच मसूद के ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में पाकिस्‍तान पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मसूद ने कहा कि तालिबान हमारे साथ जंग नहीं लड़ रहा है बल्कि यह पाकिस्‍तानी सेना और आईएसआई है जो उनका नेतृत्‍व कर रही है। तालिबान इतना मजबूत नहीं हैं कि वे हमारा मुकाबला कर सकें लेकिन पाकिस्‍तानी सेना उनके साथ सहयोग कर रही है। उधर तालिबान ने दावा किया है कि पंजशीर घाटी और उसकी राजधानी भी अब तालिबान के नियंत्रण में गई है। अफगान मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक देश के कार्यवाहक राष्‍ट्रपति अमरुल्‍ला सालेह के घर को भी पाकिस्‍तानी हवाई हमले में निशाना बनाया। अहमद मसूद के नैशनल रेजिस्‍टेंस फ्रंट ने कहा है कि पाकिस्‍तान पंजशीर में तालिबान लड़ाकों को हवाई सहायता प्रदान कर रहा है। उसने तालिबान के विरोधी बलों से लड़ने के लिए पाक सेना के स्‍पेशल फोर्स को पैराशूट के सहारे एयरड्रॉप भी किया है। इतना ही नहीं, तालिबान लड़ाके कब्‍जे में लिए गए अमेरिकी हेलिकॉप्‍टर के जरिए विरोधी गुटों पर हवाई फायरिंग कर रहे हैं। अहमद मसूद ने तालिबान से सीजफायर का आह्वान किया है। बताया जा रहा है कि तालिबान के साथ जंग में अहमद मसूद को भारी नुकसान पहुंचा है और वह सुरक्षित स्‍थान पर चले गए हैं। मसूद पक्ष ने कहा है कि तालिबान पंजशीर घाटी से वापस जाए, इसके बदले में वे भी अपनी सैन्‍य कार्रवाई को बंद कर देंगे। मसूद ने अपने फेसबुक पोस्‍ट में लिखा कि इसके बाद दोनों ही पक्षों के धार्मिक विद्वानों की उलेमा काउंसिल की बैठक को बुलाया जाए।
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