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piyush_jain
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जहां तक 2021 की सिविल अपील संख्या 5740 का संबंध है ग्राम बरौला परगना और जिला गाजियाबाद में भी 154 बीघा 9 बिस्वा और 11 बिसवांसी भूमि के अधिग्रहण के लिए भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 04 के तहत एक अधिसूचना जारी की गई थी। नोएडा और उक्त उद्देश्य के लिए धारा 04 के तहत अधिसूचना 16.09.1976 को जारी की गई थी। मूल भूस्वामियों के कहने पर भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 18 के तहत जिला न्यायालय के समक्ष संदर्भ दिया गया था। संदर्भ न्यायालय- विद्वान अपर जिला न्यायाधीश, गाजियाबाद ने मुआवजे को बढ़ाकर 18150/- रुपये प्रति बीघा (6 रुपये प्रति वर्ग गज) कर दिया। उच्च न्यायालय ने 1983 की प्रथम अपील संख्या 203 में आक्षेपित निर्णय और आदेश द्वारा मुआवजे को बढ़ाने के लिए उक्त अपील को खारिज कर दिया और संदर्भ न्यायालय द्वारा पारित निर्णय और आदेश की पुुष्टि की। इसलिए वर्तमान अपील। 2021 की सिविल अपील संख्या 5738-5739 में अपीलार्थी की ओर से विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता श्री हर्षवीर प्रताप शर्मा तथा अपीलार्थी की ओर से वर्ष 2021 की सिविल अपील संख्या 5740 में विद्वान अधिवक्ता डॉ. राजीव शर्मा उपस्थित हुए हैं। प्रतिवादी नोएडा की ओर से श्री रचित मित्तल विद्वान अधिवक्ता उपस्थित हुए। संबंधित अपीलकर्ताओं की ओर से उपस्थित विद्वान अधिवक्ताओं ने 2004 की प्रथम अपील संख्या 1100 में मंगू और अन्य शीर्षक से उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय और आदेश पर मुआवजे को बढ़ाकर 297/- रुपये प्रति वर्ग गज करने की प्रार्थना की है। बनाम यू.पी. राज्य यह प्रस्तुुत किया जाता है कि 2008 की प्रथम अपील संख्या 1100 जिसके द्वारा उच्च न्यायालय ने मुआवजे को बढ़ाकर 299/- रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया गया, इसका निपटारा करते हुए उच्च न्यायालय ने 1986 की प्रथम अपील (डी) संख्या 12 का भी निपटारा किया। 1986 में 42 वर्ष 1977 में अर्जित भूमि के संबंध में 1987 का 162 और 1987 का रकवा।