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Vishal_Thakur_vt
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अभियुक्त के विरूद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा 435 के अंतर्गत यह आरोप है कि उसने दिनांक को शाम 07:00 बजे ग्राम क्षेत्रान्तर्गत थाना जिला में प्रार्थी के घर के पास बनी टपरिया में जिसमें कृषि कार्य के उपकरण तथा दस्तावेज रखे थे, में आग लगाकर लगभग 15000/- रूपये का नुकसान कारित कर रिष्टी का अपराध कारित किया है। अभियोजन का मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि पुलिस चौकी से सैनिक द्वारा आगजनी दिनांक असली कायमी हेतु पुलिस थाना को इस आशय का पेश किया है कि फरियादी द्वारा पुलिस चौकी में उपस्थित होकर मौखिक रिपोर्ट लेख कराई कि दिनांक के 07:00 बजे वह खाना घर पर खा रहा था, तभी इसके घर के उत्तर दिशा की तरफ से आग दिखी जो की टपरिया में लगी थी, कागजात टंकी के, राशनकार्ड पर्ची आदि जो नुकसान करीब 20 हजार का हुुआ है। आग कैसे लगी, कोई जानकारी नहीं है, उक्त वक्त सास एवं मोहल्ले के लोगों ने आग बुझाई है। भाई ने भी आग बुझाने में सहयोग किया है। उक्त सान्हा की जांच के दौरान प्रार्थी के कथन लिये गये। सम्पूर्ण आगजनी सान्हा जांच एवं साक्षीगणों के कथनों के आधार पर अभियुक्त के विरूद्ध अपराधा क्रमांक धारा 435 भारतीय दण्ड विधान का अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट प्रदर्श पी.08 की लेख कर असल अपराध क्रमांक अंतर्गत धारा 435 भारतीय दण्ड विधान का पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना के अनुसार घटना स्थल का नक्शा मौका प्रदर्श पी.01 का बनाया गया। नुकसानी पंचनामा प्रदर्श पी.04 का बनाया गया। घटनास्थल से टपरिया में लगी हुई आग की राख जप्त कर प्रदर्श पी.02 का जप्ती पंचनामा बनाया गया। अभियुक्त को गिरफ्तार कर प्रदर्श पी.03 का गिरफ्तारी पंचनामा बनाया गया। अनुसन्धान पूर्ण कर न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया, जो उपार्पण उपरान्त विचारण हेतु इस न्यायालय को प्राप्त हुआ।