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PiyushJain1241983
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प्रकरण में यह स्वीकृत तथ्य है कि वादी को प्रतिवादी क्रमांक 01 द्वारा अधिकृत डीलर होना एवं प्रतिवादी क्रमांक 01 द्वारा निर्मित सोनालिका ट्रेक्टर विक्रय करने हेतु वादी को अधिकृत किया गया। प्रतिवादी क्रमांक 01 पंजीकृत ट्रेक्टर निर्माण करने वाली कंपनी है। वादी द्वारा प्रतिवादी क्रमांक 01 से डीलरशिप हेतु निवेदन करने का प्रतिवादी क्रमांक 01 द्वारा दिनांक को लैटर ऑफ इंटेंट के आधार पर डीलरशिप की टर्म और कंडीशन का स्वीकार करते हुये वादी को डीलरशिप दी गई थी। वादपत्र के अभिवचन संक्षेप में इस प्रकार हैं कि वादी जे.के. ट्रेक्टर्स एण्ड मैमर्स के नाम से प्रतिवादी क्रमांक 01 का ऑथराइज्ड डीलर है जिसमें वह प्रतिवादी क्रमांक 01 द्वारा निर्मित सोनालिका ट्रेक्टर को बेचने का कारोबार करता है तथा उसकी सेल्स व सर्विस मय स्पेयर पार्टस की बिक्री करने हेतु प्रतिवादी क्रमांक 01 के लिये प्रतिवादी क्रमांक 01,02 व 03 के द्वारा नियुक्त किया गया, जिसमें सम्पूर्ण जिले का अधिकृत डीलर वादी को प्रतिवादी क्रमांक 01, 02 व 03 ने अपनी कम्पनी इन्टरनेशनल ट्रेक्टर्स के लिये नियुक्त किया। वादी को दिनांक को अधिकृत विक्रेता के रूप में नियुक्त किया गया और तभी से वादी सोनालिका ट्रेक्टर्स एवं उसकी सेल्स व सर्विस मय स्पेयर पार्टस का कारोबार करता रहा। अचानक प्रतिवादी क्रमांक 01, 02 व 03 ने प्रतिवादी क्रमांक 04 के साथ सांठ-गांठ कर सन 2011-2012 में वादी को केवल तहसील का डीलर मान्य किया और शेष एरिया के लिए अन्य किसी को डीलर नियुक्त कर दिया गया। इस सम्बन्ध में वादी को न कोई जानकारी दी गई और न उसे विश्वास में लिया गया। वादी ने इस बात का विरोध किया तो उसे आश्वस्त किया गया कि वे वादी के विरोध को ध्यान में रखते हुये कुछ समय पश्चात पूर्ववत जिले का अधिकृत डीलर वादी को दुबारा नियुक्त कर देंगे। वादी का आगे अभिवचन यह है कि प्रतिवादी क्रमांक 01, 02 व 03 के द्वारा दिये गये हैं।