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AnkitAgrawal
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उक्त प्रकरण में विचारण न्यायालय द्वारा अपने निर्णय की कंडिका 9 में व्यक्त किया गया है कि साक्षी दशरथ के प्रतिपरीक्षण में किये गये प्रतिपरीक्षण के दौरान कथनों का खंडन नहीं किया गया है। जबकि प्रतिपरीक्षण के दौरान अपीलार्थीगण के अधिवक्ता द्वारा नक्शा मौका एवं अपराधियों के कथन अपने मन से लेख करने का सुझाव प्रतिपरीक्षण में दिया गया है। यह भी सुझाव दिया गया कि अपीलार्थीगण के कथन अपने मन से लिखे गये हैं। अपीलार्थीगण 2016 से लगातार उक्त प्रकरण में न्यायालय में उपस्थित हो रहे हैं।