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इस प्रकरण के अभियुक्तगण पर आरक्षी केन्द्र गौतमपुरा से 5 किलोमीटर दूर ग्राम चित्तौड़ा में अनुसूचित जनजाति के फरियादी मांगीलाल के स्वामित्व के खेत पर दिनांक 18.03.2017 को दिन के 10.00 बजे के लगभग मांगीलाल को सदोष नुकसान कारित करने के आशय से उसके खेत पर लगे खंबे और तार को तोड़कर 50/- रूपये से अधिक का नुकसान कर रिष्टिकारित करने, फरियादी व उसके पोते हेमन्त को लोक स्थाानपर मॉं बहन की अश्लील गालियां देकर उन्हें व अन्य को क्षोभ कारित करने, उनके साथ थप्पड़ मुक्को और लात घूसों से मारपीट कर उन्हें स्वेच्छया उपहति कारित करने, फरियादी मांगीलाल को भयभीत करनेेके आशय से जान से मारने की धमकी देकर आपराधिक अभित्रास कारित करने, स्वयं अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं होते हुये, और यह जानते हुए कि फरियादी मांगीलाल अनुसूचित जनजाति का सदस्य है, लोक दृष्टि में आने वाले स्थान पर उसके साथ जाति के नाम से गाली गलौच करने तथा यह जानते हुए कि फरियादी अनुसूचित जनजाति का सदस्य है, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (जिसे अत्र मात्र अधिनियम से संबोधित किया जावेगा) की अनुसूची में विनिर्दिष्ट उपहति कारित करने और आपराधिक अभित्रास का अपराध करने का आक्षेप है जो क्रमश: भा.द.सं. की धारा 427, 294, 323 (2 काउंट), 506 भाग-2 तथा अधिनियम की धारा 3(1)(ध) तथा 3(2) के अंतर्गत दण्डनीय है। प्रकरण में स्वीकृत तथ्य यह है कि मांगीलाल जाधव (अ.सा.1) राजूबाई (अ.सा.2), हेमन्त (अ.सा.3) तथा दिनेश अभियुक्तगण को जानते है। यह भी स्वीकृत है कि अभियुक्तगण कलौता जाति के है जो कि पिछड़ा़वर्ग के अंतर्गत आती है। यह भी स्वीकृत है कि फरियादी मांगीलाल ग्राम चित्तौड़ा में रहता है और उसका खेत भी उसी गांव में है तथा उसके खेत में तार व खंबे लगे हुए है। अभियुक्तगण की गिरफ्तारी भी स्वीकृत तथ्य है। अभियोजन कथानक यह है कि ग्राम चित्तौड़ा निवासी अनुसूचित जनजाति का सदस्य मांगीलाल कृषक है। दिनांक 18.03.2017 को दिन के लगभ 10.00 बजे अभियुक्त लाखन ने मांगीलाल के खेत के सेड़े (मेड़) से हार्वेस्टर निकालते समय सेड़े पर लगे खंबे पर तार तौड़ दिये। इस बात का उलाहना फरियादी के पोते हेमन्त द्वारा दिये जाने पर अभियुक्तगण ने फरियादी मांगीलाल और उसके पोते हेमन्त को मॉं बहन की अश्लील गालियां देकर जाति सूचक शब्दो से संबोधित कर जाति के नाम से गाली गलौच की। फरियादी मांगीलाल और उसके पोते हेमन्त द्वारा गालियां देने से मना करने पर अभियुक्त नरपत ने मांगीलाल को पत्थर मार दिया जिससे उसके सिर से खून निकल आया और उसने फरियादी मांगीलाल काके धक्का देकर नीचे गिरा दिया। हेमन्त के बीच बचाव करने पर अभियुक्तगण ने हेमन् के साथ भी लात घूसों और थप्पड़ मुक्को से मारपीट की जिससे हेमन् के सिर, कमर व पीठ में चोट आई। इस घटना को फरियादी मांगीलाल की बहू राजूबाई और दिनेश चौकीदार ने देखा। अभियुक्तगण ने फरियादी काके हार्वेस्टर सेडे से निकालने के लिये मना करने पर जान से खत्म कर देने की धमकी दी। इस घटना की रिपोर्ट उसी दिन आरक्षी केन्द्र गौतमपुरा में किये जाने पर पुलिस द्वारा अभियुक्तगण के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस द्वारा मांगीलाल और हेमन्त का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। मांगीलाल की निशादेही से घटना स्थल का मानचित्र तैयार किया गया। मांगीलाल से उसका जाति प्रमाण पत्र जप्त कर जप्ती पंचनामा तैयार किया गया। मांगीलाल के खेत पर हुए नुकसान के संबंध में नुकसानी पंचनामा तैयार किया गया। साक्षीगण के कथन लेखबद्ध किये गये। ग्राम पंचायत मेंडकवास से अभियुक्तगण का जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया और संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोोगपत्र प्रस्तुत किया गया।