words per minute
2
vikashparmar
00:00
Speed
अध्यक्ष महोदय, मैं सिंचाई विभाग से संबंधित प्रश्न उठाना चाहता हूँ। महोदय, मेरा पहला प्रश्न यह है कि मेरे विधान सभा विकास खंड के अंतर्गत दो स्टाप डेम कई वर्ष पहले बनाये गये थे। उनमें से एक स्टाप डेम में पानी रोकने के लिए गेट नहीं लगे हैं। गेट के अभाव में पानी एकत्र नहीं हो पा रहा है। यदि पहले से तालाब में गेट लगे होते तो पानी इकट्ठा हो जाता और किसानों को सही वक्त पर सिंचाई के लिए पानी मिल जाता। महोदय, फसल सींचने के लिए पानी की जरूरत होती है, पानी नहीं मिलने के कारण उपज अच्छी नहीं हो पा रही है और किसान को प्रकृति पर निर्भर रहना पड़ता है। अतः मेरा अनुरोध है कि स्टाप डेम बनाते समय ही गेट लगा दिये जाएं तो किसानों को इस समस्या से निजात मिल जाती और किसानों को इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। स्टाप डेम में गेट लगने से शासन का जो मूल उद्देश्य है उसका पूरा-पूरा लाभ किसानों को मिल सकेगा। उद्देश्य की भावना के अनुसार काम न होने से किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है।
मेरे यहाँ एक और बड़ा तालाब है, जो काफी बन चुका है। साल भर से निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है जो 80 प्रतिशत कार्य सालभर पहले हो चुका था वह बेकार हो रहा है। किसानों ने अपने मुखिया को बताया था और सरपंच के माध्यम से इस बात की शिकायत प्राप्त हुई है कि वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने के कारण एक तरफ की दीवार नहीं बन पा रही है, इस दीवार के कारण जनता को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है तथा इससे होने वाली सिंचाई भी प्रभावित हो रही है। पूर्व में लगाई गई लगभग 20 लाख रुपये की राशि भी बेकार हो रही है। मैं उम्मीद करता हूँ कि सभी समस्याओं का निराकरण शीघ्र हो जायेगा।