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AnkitBhatnagar
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प्रतिवादी ठेकेदार को भुवनेश्वर के बोमीखाल जक्शन पर रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर के निर्माण का ठेका दिया गया था। कि उक्त ठेके के अनुसरण में प्रतिवादी ठेकेदार ने उक्त फ्लाईओवर का निर्माण किया। वर्ष 2017 में रेलवे ओवर ब्रिज के समपार पर कंक्रीटिंग के दौरान फ्लाईओवर का दस मीटर का स्लैब गिर गया, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ। एक व्यक्ति की मौत हो गई और ग्यारह अन्य घायल हो गए। मुख्य अभियंता (डिजाइन) और मुख्य अभियंता (डीपीआई और सड़क) द्वारा एक उच्च स्तरीय जांच की गई। समिति ने विस्तृत जांच के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की और इसमें ठेकेदार- प्रतिवादी को दोषी पाया। यह पाया गया कि ठेकेदार ने फॉर्मवेक डिजाइन जमा नहीं किया और अपनी व्यवस्था को अपनाया जिससे निर्माण के दौरान इतनी बड़ी सरचना ढह गई। यह भी पाया गया कि ठेकेदार ने निर्माण के दौरान इतनी बड़ी संरचना ढह गई। यह भी पाया गया कि ठेकेदार ! ने निर्माण की अवधि के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित नहीं किया था, अन्यथा इस तरह के दुर्भाग्यपूर्ण घातक हादसे से बचा जा सकता था। यह पाया गया कि गुणवत्ता आश्वासन को कोड (09.09.08.34.12.34.45.76) और नियमावली में और समझौते के अनुसार निर्धारित नहीं किया गया था। यह पाया गया कि कारीगरी में बहुत सी कमियां थीं जो काम की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती थी, जैसा कि अन्य फॉर्मवर्क असेंबली में पाया जाता है। इसलिए कमेटी ने इतने गम्भीर हादसे के लिए ठेकेदार को जिम्मेदार पाया। ऐसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने मामले को बहुत गंभीरता से लिया और निर्देश दिया कि झारखण्ड लोक निर्माण विभाग (ओपीडब्ल्यूडी) कोड के अनुसार प्रक्रिया का पालन करते हुए ठेकेदार को काली सूची में डालने के लिए तत्काल आवश्यक कार्यवाई की जाए। तत्पश्चात, ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और ठेकेदार को कारण बताने के लिए कहा गया कि अनुबन्ध संख्या 15.01.2022 के प्रासंगिक खण्डों का जानबूझकर उल्लंघन करने के लिए इसे काली सूची में क्यों न डाला जाए। प्रतिवादी ने एक विस्तृत उत्तर दायर किया।