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Varsha_Batham


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्रधानमंत्री ने आज घोषणा की कि किसी राष्‍ट्र को इस बात की अनुमति नहीं दी जाएगी कि वह हमारे राष्‍ट्रीय विचार या हमारी जीवन पद्धति पर प्रभावी हो। श्रीमती गांधी राजधानी के उन नागरिकों की एक विशाल रेली में बोल रही थीं जो उन्‍हें बधाई देने के लिये आये थे। श्रीमती गांधी ने कहा “हम सभी राष्‍ट्रों से मैत्री चाहते हैं लेकिन हमारा देश जिस रास्‍ते पर चलेगा वह वही होगा, जिसका निश्‍चय बिना किसी विदेशी राष्‍ट्र या शक्ति के प्रभाव के हम करेंगे।” उन्‍होंने कहा कि हम अन्‍तर्राष्‍ट्रीय समुदाय से सहायता चाहते हैं परन्‍तु देश का भविष्‍य मुख्‍यत: उसके अपने साधनों, स्‍त्रोतों तथा इच्‍छा शक्ति पर निर्भर होता है। श्रीमती गांधी ने आत्‍म-निर्भरता तथा सामाजिक बुराइयों के उन्‍मूलन की आवश्‍यकता पर बल देते हुए कहा कि लोगों को उन ताकतों से गुमराह नहीं होना चाहिए जो हमारे देश में हर नए विकास का विरोध करती हैं। उन्‍होंने कहा कि अब जो राष्‍ट्रीय अनुशासन कायम किया गया है उसमें शिथिलता नहीं आनी चाहिए और वह जनता के दैनिक जीवन का अंग बन जाना चाहिए। उन्‍होंने इस बात को पुन: दोहराया कि राष्‍ट्रीय एकता, अखंडता, अनुशासन और सहयोग से ही देश आत्‍म-निर्भर हो सकता है और उत्‍पादन बढ़ सकता है। उन्‍होंने कहा कि समाजवादी समाज के राष्‍ट्र का निर्माण कार्य जिसमें हर अमीर-गरीब हर जाति के हर धर्म के व्‍यक्ति को समान अवसर उपलब्‍ध हो केवल रातों-रात पूरा नहीं हो सकता। इस लक्ष्‍य को पूरा करने के लिए देश के हर नागरिक को जुट जाना चाहिए। यदि कुछ लोंग या एक धर्म के लोग या कोई राज्‍य अपनी मांगों से कुछ प्राप्‍त कर ले तो उससे लक्ष्‍य पूरा नहीं हो सकता यह तभी हो सकता है जब सारे राष्‍ट्र में स्‍त्रोतों का समान वितरण हो और हर एक नागरिक राष्‍ट्र के प्रति अपने कर्तव्‍य का पालन करे। आपात स्थिति के कारण की चर्चा करते हुए श्रीमती गांधी ने कहा कि कुछ लोगों ने जिन्‍हें जनता का समर्थन प्राप्‍त नहीं था बल्कि कुछ छात्रों, कुछ शहरी लोगों और कुछ बुद्धि-जीवियों और समाचार पत्रों के एक वर्ग का समर्थन लेकर जनता के अभाव, महंगाई और बेरोजगारी से फैले असंतोष का लाभ उठाते हुए लोकतंत्रीय व्‍यवस्‍था को नष्‍ट करने का प्रयत्‍न कर रहे थे। उन्‍होंने गुजरात में निर्वाचित प्रतिनिधियों को त्‍याग पत्र देने पर विवश किया फिर लोक सभा की कार्यवाही को भी ठप्‍प करने की कोशिश की। एक विवश नेता ने कहा था कि हम प्रधानमंत्री के निवास-स्‍थान का घेराव करेंगे।
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