words per minute

24

Ms1990


00:00

Speed

ंविधान के अनुच्‍छेद 124 मे उच्‍चतम न्‍यायालय के गठन के संबंध में प्रावधान किया गया है जिसमे यह कहा गया है कि उच्‍चतम न्‍यायालय में एक मुख्‍य न्‍यायाधीश तथा 7 अन्‍य न्‍यायाधीश होगे तथा संसद समय-समय पर न्‍यायाधीशों की संख्‍या का निर्धारण कर सकती है। संसद ने न्‍यायाधीशों की संख्‍या को निर्धारित करने के लिए 1970 में उच्‍चतम न्‍यायालय (न्‍यायाधीशों की संख्‍या) अधिनियम 1956 पारित किया और न्‍यायाधीशों की संख्‍या 10 कर दी इस अधिनियम मे संशोधन करके न्‍यायाधीशों की संख्‍या मे कई बार वृद्धि की गई है उच्‍चतम न्‍यायालय की पीठ नई दिल्‍ली मे स्थित है यह नई दिल्‍ली के स्‍थान पर कही और भी सुनवाई कर सकता है इस अन्‍य स्‍थान का निर्धारण मुख्‍य न्‍यायाधीश राष्‍ट्रपति की अनुमति से कर सकता है। विधि एवं न्‍याय पर संसदीय समिति की क्षेत्रीय प्रस्‍तुत 25वीं रिपोर्ट मे उच्‍चतम न्‍यायालय की पीठे पश्चिम, दक्षिण पूर्वी क्षेत्रो मे सिफारिश की गई है समिति ने अपनी रिपोर्ट मे कहा है कि निर्धनो जरूरतमेंदो की न्‍याय की सुलभ बनाने के लिए उच्‍चतम न्‍ययालयो की क्षेत्रीय पीठे स्‍थापित की जानी चाहिए इससे ऐसे जरूरतमंदो को जो निर्धनता के दिल्‍ली तक नही पहुंच पाते है कम खर्च पर न्‍यय उपलब्‍ध कराया जा सकेगा प्रयोग के तौर पर ऐसी पीठ चेन्‍नई मे स्‍थापति करने की सलाह समिति ने दी है उच्‍चतम न्‍यायालय के न्‍यायाधीश के रूप मे नियुक्‍त होने के लिए किसी भी व्‍यक्ति के लिए निम्‍नलिखित अर्हताओं की अपेक्षा की जाती है।
words per minute
0
wpm
accuracy
0%
Text Practice - Time 310 - English

words per minute