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अभियोगी रविन्द्र को उपहति कारित करने का सामान्य आशय निर्मित किया जिसके अग्रसरण में अभियोगी को डंडे से मारपीट कर उपहति कारित की, आपस में मिलकर अभियोगी को घातक हथियार से उपहति कारित करने का सामान्य आशय निर्मित किया जिसके अग्रसरण में अभियोगी को घातक आयुध चाकू से मारकर उपहति कारित की तथा अभियोगी को मां-बहन की अश्लील गालियां सार्वजनिक स्थलिया उसके समीप देकर अभियोगी को तथा सुनने वालों को क्षोभ कारित किया। प्रकरण में अभियुक्तगण की गिरफ्तारी निर्विवादित है। अभियोगी तथा अभियुक्तगण का पूर्व से परिचित होना भी निर्विवादित है। अभियोजन की कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि घटना दिनांक 21 अप्रैल 2008 को अभियोगी और अभियुक्तगण आए और अभियोगी को देखकर उसके साथ गाली देने लगे फिर अभियोगी ने कहा कि गाली क्यों देते हो तभी अभियुक्त हाथ में डंडा लेकर आया और अभियोगी को मारा फिर अभियोगी ने डंडा छीन लिया, उसी समय अभियुक्त ने पीछे से आकर अभियोगी की पीठ में व कमर में चाकू से मारा, जिससे उसके सिर से खून निकला। फिर अभियोजन साक्षी ने छुड़ाया। फिर अभियोगी का भाई अभियोगी को इलाज हेतु कार से सरकारी अस्पताल उज्जैन ले गया जहां अभियोगी का इलाज हुआ। उक्त घटना की सूचना जिला चिकित्सालय उज्जैन से थाना उज्जैन को दी गई जिसे थाना उज्जैन में 283/21 पर पंजीबद्ध किया गया तथा घटना का क्षेत्राधिकार गौतमपुरा होने से थाना उज्जैन भेजा गया तथा उक्त संदेह के आधार पर थाना गौतमपुरा का अपराध क्रमांक 90/2008 पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान घटनास्थल का मौकानक्शा बनाया गया, आहत का चिकित्सीय परीक्षण कराकर चिकित्सीय दस्तावेज प्राप्त किए गए, साक्षीगण के कथन लेखबद्ध किए गए, अभियुक्त को पकड़कर पंचनामा बनाया गया, जप्ती अनुसार जप्ती पंचनामें बनाए गए। तदोपरान्त अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। उक्त मामले में अभियोगी को अश्लील गालियां देकर उसे एवं सुनने वालों को क्षोभ कारित किया एवं अभियोगी को घटना कारित करने के आशय से अभियोगी को जान से मारने की धमकी देकर आपराधिक अभित्रास कारित किया। यह भी प्रमाणित नहीं हुआ है कि अभियुक्तगण ने प्रतिबंधित आकार-प्रकार का हथियार अपने आधिपत्य में रखा। अभियोजन द्वारा युक्तियुक्त संदेह से परे यह प्रमाणित किया गया है।