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sachin1991
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अभियुक्त पक्ष एवं अभियोजन पक्ष को दण्ड के प्रश्न पर सुना गया। अभियुक्त पक्ष द्वारा कम से कम दण्ड दिये जाने का निवेदन किया गया। इसके विपरीत अभियोजन कठोर रूख अपनाने जाने का निवेदन किया चूंकि अभियुक्त बृजकिशोर को इस धारा के अधीन किसी अपराध के लिये पूर्व में दोषसिद्ध नहीं किया गया है। अत: अभियुक्त को मध्य प्रदेश अबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(क) के अंतर्गत न्यायालय उठने तक के कारावास में एक हजार पांच सौ रूपये मात्र के अर्थदण्ड से दण्डित किया जाता है। अभियुक्त द्वारा अर्थदण्ड की राशि अदा न किये जाने पर अभियुक्त को पंद्रह दिवस का साधारण कारावास पृथक से भुगताया जावे।
प्रकरण में जप्तशुदा क्वार्टर देशी प्लेन मदिरा को अपील अवधि पश्चात् नष्ट किया जावे। अपील होने की दशा में माननीय अपीलीय न्यायालय के आदेशानुसार निराकरण किया जावे। अभियुक्त बृजकिशोर अन्वेषण एवं विचारण के प्रारंभ से ही जमानत पर रहा है अत: अभियुक्त के निरोध अवधि न रहने के संबंध में धारा 428 दण्ड प्रक्रिया संहिता का प्रमाण पत्र पृथक से तैयार कर प्रकरण में संलग्न किया जाये।