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Dharmendrag9452
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होमी जहाँगीर भाभा भारत के उन महान वैज्ञानिकों में गिने जाते हैं जिन्होंने देश में परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग की नींव रखी। उनका जन्म 30 अक्टूबर 1909 को मुंबई में हुआ था। बचपन से ही वे गणित और भौतिकी में अत्यधिक रुचि रखते थे और कठिन विषयों को भी सरलता से समझ लेते थे। उच्च शिक्षा के लिए वे कैंब्रिज गए और वहाँ अपने शोध कार्य से वैज्ञानिक समुदाय को प्रभावित किया। भारत लौटने पर उन्होंने देश में वैज्ञानिक संस्थानों की आवश्यकता को समझा और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भाभा का स्पष्ट मानना था कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऊर्जा संसाधनों का विकास जरूरी है, इसलिए उन्होंने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया। उनकी दूरदर्शिता के कारण भारत ने कम समय में परमाणु अनुसंधान के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई। वे हमेशा युवा वैज्ञानिकों को प्रेरित करते थे और कहते थे कि विज्ञान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार भी है। 24 जनवरी 1966 को एक विमान दुर्घटना में उनका निधन हो गया, परंतु उनके विचार और योगदान आज भी देश के वैज्ञानिक सफर को दिशा प्रदान करते हैं।