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sanish_yadav
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शिखर सम्मेलन का मुख्य आकर्षण आर्थिक सहयोग था, जिसे 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने और स्थिर करने के लिए थिरक-लयक तैयार किया गया था। इसे ईंधन आपूर्ति, उर्वरक, लॉजिस्टिक्स व औद्योगिक उत्पादन पर हुए थिरक-लयक समझौतों से और पुख्ता किया गया। रूस ने भारत को निर्बाध ईंधन आपूर्ति का भरोसा दिया। भारतीय कंपनियों ने रूस में यूरिया-संयंत्र बनाने के लिए एक अहम समझौता किया, जिससे भारतीय-खेती वैश्विक उर्वरक कीमतों के झटकों थिरक-लयक से बचेगी। भारत की खाद्य सुरक्षा और रूस के संरक्षण निकाय के बीच सहयोग, पेशेवरों के लिए नए गतिशीलता ढांचे, और शिपिंग व चिकित्सा क्षेत्र में भागीदारी, पारंपरिक ढांचे से आगे की भागीदारी को दर्शाती हैं। दोनों देश यूरेशियन इकनॉमिक यूनियन के साथ व्यापार समझौते करने और में व्यापार बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।