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RajeevRajpoot1308159


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भापति महोदय, मैं वित्त विधेयक का समर्थन करने के लिए खड़ा हुआ हूँ। विश्‍व की बिगड़ती हुई अर्थ-व्‍यवस्‍था को ध्‍यान में रखते हुए देश की अर्थ-व्‍यवस्‍था को बचाने के लिए माननीय वित्त मंत्री जी और उनके सहयोगी जिस सूझ-बूझ से काम कर रहे हैं। उसके लिए मैं वित्त मंत्रालय के तीनों मंत्रियों को बधाई देता हूँ यह बजट बड़ी समझदारी से तैयार किया गया है। बजट में बीस-सूत्री कार्यक्रम का, जिसका हर वर्ग और हर राजनैतिक पार्टी में स्‍वागत किया है, समावेश किया गया है। सस्‍ते भाव की दुकान खोलने और ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग लगाने की ओरध्‍यान देकर ग्रामीण लोगों और नौजवानों के शहरों की ओर भागने पर रोक लगाने का प्रयत्‍न किया गया है। ग्रामीण विकास बैंकों में 25 प्रतिशत की वृद्धि हमारी प्रगति का प्रतीक है। इससे प्रकट होता है। कि गांवों की तरफ हमारी नजर गई है। जब तक हमारे गांवों का विकास नहीं होगा, तब तक इस देश का विकास नहीं हो सकता इस बजट में मध्‍यम वर्ग के लोगों का ध्‍यान रखा गया है, महिलाओं की दिक्‍कतों को सामने रखा गया है और सरकारी कम्रचारियों के लिए वेतन आयोग बनाया गया है1 ये सब स्‍वागत योग्‍य कदम हैं। विरोधी पार्टियों के सदस्‍यों ने इस बजट के बारे में जो आपत्तियॉं उठाई थीं, उनको ध्‍यान में रखकर वित्तमंत्री ने करों में राहत देने के बारे में कल जो घोझाताा की है, मैं उसका भी स्‍वागत करता हूँ और उसके लिए उनकी प्रशंसा करता हूँ। कुछ परिस्थितियॉं अभी-अभी पैदा हुई है, जैसे उत्तर प्रदेश में गन्‍ने के सम्‍बन्‍ध में कठिन स्थिति बनी स्‍वयं प्रधानमंत्री जी ने उसमें रुचि ली और भारत सरकार की ओर से राहत देने की घोषणा की गई और उसको तुरंत लागू भी किया गया। साथ ही साथ महाराष्‍ट्र में कपास की जो स्थिति पैदा हुई, उसको भी ध्‍यान में रखते हुए माननीय वित्तमंत्री जी ने रिजर्व बैंक को 12 करोड़ रु. की सहायता देने का आदेश दिया। ये ऐसी परिस्थितियॉं है जो अचानक खउ़ी हो जाती हैं, लेकिन वित्त मंत्रालय बड़ी समझदारी से फौरन उनके सम्‍बन्‍ध में कार्यवाही करता है। इसी प्रकार जो बे-मौसम बरसात हुई, उसका गेहूँ की फसल पर असर पड़ा। उस पर भी भारत सरकार ने ध्‍यान दिया। ये ऐसी बातें हैं जिन पर टीका करना बड़ा सरल हैं हर व्‍यक्ति अपने क्षेत्र में विकास चाहता है, लेकिन दूसरी ओर करों की आलोचना भी की जाती है। इससे अच्‍छा निकाल तो राष्‍ट्र का उद्धार नहीं कर सकता है। देश में जो उत्‍पादन होगा और जो कर वसूल होगा, उसी के द्वारा देश के हर क्षेत्र का विकास हो सकता है। यदि कर बढ़ते हैं तो विरोधी दल उसकी आलोचना करते हैं। लेकिन यदि हम सारे बजट पर निष्‍पक्ष होकर विचार करें तो हम देखेंगे कि यह बजट हर दृष्टि से बहुत ही सुंदर और स्‍वागत योग्‍य बजट है।
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