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RajeevRajpoot1308159
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उपाध्यक्ष महोदय, हमारे देश के अधिकांश लोग खेती पर निर्भर करते हैं। और इसलिए खेती पर आधारित उद्योगों की इस देश में अधिक आवश्यकता है। देश से बेरोजगारी को खत्म करने के लिए कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए कृषि पर आधारित उद्योगों की स्थापना का इस देश में बड़ा भारी महत्व है और उसे इस बजट में अधिक से अधिक प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। मैं वि鎠ఀ्त मंत्री जी से निवेदन करना चाहता हूँ कि खेती के उद्योग आदि के लिए हमारे बजट में अधिक गुंजाइश की जरूरत होनी चाहिए। इससे हमारे देश के बेरोजगारों और किसानों को काफी लाभ होगा और हमारे कृषि उत्पादन में भी उन्नति होगी तथा इसके साथ ही साथ हमारे किसान भाइयों को भी रोजगार मिलेगा। वि鎠ఀ्त मंत्री जी ने काफी अच्छा बजट पेश किया है लेकिन खेती के उद्योगों के लिए इसमें वि鎠ఀोष व्यवस्था करने और इसमें अधिक धन लगाने की अधिक आवश्यकता है। इस योजना में हमारी प्राधानमंत्री द्वारा जो बीस सूत्री कार्यक्रम इस देश में चालू किया गया है उससे हमारे गरीब वर्ग के लोगों के लिए पशुओं को खरीदने तथा आवास और दूसरी आवश्यकताओं के लिए धन की व्यवस्था की जाए। आज यह कार्यक्रम हमारे देश में बड़े जोर से और बड़ी जिम्मेदारी से लागू किया जा रहा है। इसमें संदेह नहीं है कि इससे हमारे देश के गरीब लोगों को काफी लाभ पहुँचेगा।
हमारे देश में मध्य प्रदेश काफी पिछड़ा हुआ है। मध्य प्रदेश में खनिज और वन देश में सबसे ज्यादा हैं। हमारे मध्यप्रदेश में बसी प्रतिशत खनिज उत्पादन है और तीस प्रतिशत वन है। मैं वि鎠ఀ्त मंत्री जी से निवेदन करना चाहता हूँ कि हमारे प्रदेश में इस तरह के उद्योगों और कार्याों के लिए अधिक से अधिक धन की व्यवस्था की जाए। एक दृष्टि से मध्यप्रदेश सबसे आगे है लेकिन फिर भी यह अन्य राज्यों की तुलना में पिछड़ा हुआ है। यहॉं से एक हजार टन कोयला प्रतिदिन देश भर में जाता है। मैं निवदेन करूँगा कि कोयले की खानों के पास ताप-बिजली घर बनाए जाऍं ताकि हमारे प्रदेश की आवश्यकता को भी पूरा किया जा सके और देश को सस्ते दामों पर बिजली मिल सके।
महोदय, सिंचाई के लिए भी हमारे प्रदेश को अधिक धन दिया जाना चाहिए इस तरफ भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि सिंचाई का खर्च पिछले एक साल में दुगुना हो गया है। इसका कारण चाहे योजना बनाने में कमी हो या चाहे प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार लाने की कोशिश करें। हमारे देश में वि鎠ఀास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए शांति और व्यवस्था की बहुत आवश्यकता है। इससे देश की आत्म निर्भरता बढ़गी।
सभापति महोदय, राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर जो धन्यवाद का प्रस्ताव सदन के सामने प्रस्तुत है उसका समर्थन करने के लिए मैं खड़ा हुआ हूँ। राष्ट्रपति जी का जो अभिभाषण देश को नई दिशा देने की दिशा में बहुत ही उचित कदम है। पहला है समाज का अत्यन्त गरीब वर्ग जिसे हरिजन और आदिववासी कहते हैं। उसकी आर्थिक दशा सुधारने के लिए पूरी कोशिश की गई है। दूसरा है। महँगाई रोकने के लिए ठोस कदम का उठाना और तीसरा है जनता पार्टी की पैदा की गई स्थितियों को पूर्ण रूप से समाप्त कर शांति स्थापित करना चौथा है आर्थिक स्थिति को मजबूत करना। पॉंचावँ है किसानों की हालत सुधारने के लिए योजना बनाना और छठा है नेहरूजी की वि鎠ఀेश नीति का अनुसरण। इन छह भागों में राष्ट्रपति के अभिषाषण को बॉंट देंगे तो देखेंगे कि इससे अच्छा दिश निर्देश और दिया ही नहीं जा सकता था।