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rajni_shrivatri
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देश का प्रत्येक नागरिक अपने देश पर मर मिटने के लिए हमेशा तैयार रहता है। अपने देश पर आंच ने आने देने के लिए न जाने कितने शहीद हो गये, कितने अपाहिज हो गये और कितनों ने अपना सर्वस्व लुटा दिया।
साहस प्रतयेक नागरिक में होता है, पर उस साहस का समुचित प्रयोग जो कर पाये, वही साहस कुछ करता है। साहस का उचित प्रयोग सीखने के लिये एक विशेष प्रकार के अनुशासन, एक विशेष प्रकार के जीवन के जीवन का आदि होना पड़ता है। यही अनुशासन कहलाता है सैनिक का अनुशासन।