eng
competition

Text Practice Mode

राष्ट्रगान के लिए अपनी भावनाएं

created Jan 13th, 11:07 by Shriyank Omar


0


Rating

207 words
139 completed
00:00
यों भी राष्ट्रगान सहित देश के लिए अपनी भावनाएं जाहिर करने के सभी प्रतीकों के प्रति सम्मान जताना सामाजिक व्यवहार का सहज और स्वाभाविक हिस्सा होना चाहिए। पर सिनेमा घरों में मनोरंजन के लिए जाने वाले लोग कई बार ऐसे विषय पर बनी फिल्में देखते हैं, जिनका राष्ट्रभक्ति से कोई लेना-देना नहीं होता या फिर राष्ट्र के प्रति भावनाएं भी मनोरंजन के मौके में घुल-मिल जाती हैं। जबकि राष्ट्रगान के समय कुछ तय नियम-कायदे या औपचारिकताएं हैं और उनका खयाल रखा जाना चाहिए। यह अंदाजा लगाना सहज है कि सिनेमा घरों में फिल्म के पहले या फिर मनोरंजन के माहौल में उन नियमों का कितना पालन होता होगा। इस संदर्भ में अदालत की यह टिप्पणी गौरतलब है कि अगली बार सरकार चाहेगी कि लोग सिनेमाघरों में टी-शर्ट और हल्के कपड़े पहन कर आना बंद कर दें, क्योंकि उससे राष्ट्रगान का अनादर होता है। यों भी, राष्ट्रगान या देश के प्रति निष्ठा जताना भावनाओं से जुड़ा मामला है और इसकी गरिमा बनी रहनी चाहिए। बिना किसी खास वजह के बेमौके या फिर मनोरंजन के माहौल में राष्ट्रगान की अनिवार्यता से इसके प्रति भावनाओं की गंभीरता में कमी आएगी। इसलिए कोशिश यह होनी चाहिए कि राष्ट्र से जुड़े प्रतीकों की अहमियत और उसके प्रति सम्मान का भाव बरकरार रह

saving score / loading statistics ...