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VSCTI MORENA/GWALIOR TYPING TEST

created Jan 13th, 11:27 by Mukesh Kushwah 2662


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सभापति महोदय, जो मुद्दा मैं अपके समक्ष पेश करने जा रहा हूँ, वह चीनी में की जा रही मूल्‍य वृद्धि के संबंध में है। अचानक सारकार की ओर से  चीनी मूल्‍य वृद्धि करने से भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी जनता पार्टी, जनता पार्टी समता पार्टी के साथ अन्‍य राजनीतिक दलों ने कड़ी आलोचना करते हुए तत्‍काल वापस लेने की माँग कर डाली है। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्‍ता ने अपनी नियमता प्रेस वार्ता में बतलाया कि इस प्रकार की तदर्थवादी नीति अपनाने से चीनी उद्योगों का भला नहीं होगा। इसलिए सरकार को एक व्‍यापक चीनी नीति बनानी चाहिए। इस नीति के अंदर चीनी मीलों को लाइसेंस से लेकर निर्यात करने से संबंधित सब मुद्दों को सामिल किया जाना चाहिए। इस संबंध में सरकार का यह तर्क देना गलत है कि गन्‍ना उत्‍पादन करने वाले किसानों को लाभ पहुँचाने के उद्देश्‍य से हमने चीनी के मूल्‍य बढ़ाये हैं। मैं कहना चाहता हूँ कि इस वृद्धि से सरकार भ्रामक स्थिति पाल रही है कि किसान को इस नीति से बड़ा लाभ होगा। मैं नहीं समझता कि इस से किसानों को कुछ लाभ हो सकेगा।
    उप सभापति महोदय, समाजवादी पार्टी के महा सचिव ने चीनी के मूल्‍य में की गई वृद्धि का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि संयुक्‍त मोर्चा सरकार एक के बाद एक ऐसे अनुचित कदम उठाती जा रही है। सरकार के ये कदम आम जनता के लिए कष्‍ट कर प्रतीत हो रहे हैं और मुझे ऐसा मालू पड़ा है कि जन-साधारण के ऊपर भी भारी बोझ पड़ रहा है।
    उपाध्‍यक्ष जी, एक पखवाड़े के अंदर ही मोर्चा सरकार ने पेट्रोल, डीजल, रसाई गैस के दाम बढ़ा दिये हैं। अब ऊपर से चीनी के दाम बढ़ गए हैं जो उचित प्रतीत नहीं होता है। यह कितने आश्‍चर्य की बात है कि एक तरफ कम्‍युनिस्‍ट पार्टी चीनी के दामों में की गई वृद्धि का मंत्रि-मंडल में समर्थन करती है। दूसरी तरफ जन-साधारण के सामने मूल वृद्धि का विरोध कर रही है।

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