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BUDDHA ACADEMY TIKAMGARH (MP) || ☺ || CPCT & MP High Court

created Jan 11th, 05:06 by akash khare


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विधानसभा चुनाव में 15 साल बाद मिली जीत के बाद कांग्रेस यहां एक्‍शन मोड में है। मुख्‍यमंत्री कमलनाथ तेजी से फैसले ले रहे हैं। तो दूसरी ओर भाजपा नजदीकी हार के तुरंत बाद से लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। पार्टी के विभिन्‍न मोर्चा-प्रकोष्‍ठों की बैठक हो चुकी है। किन सांसदों के खिलाफ एंटीइनकम्‍बेंसी है, उनकी लिस्‍ट बनाई जा चुकी है और इस तरह चुनावी रणनीति का प्रारंभिक चरण पूरा कर लिया गया है। पार्टी किसी भी तरह अपनी मौजूदा 26 सीटों (कांग्रेस ने उपचुनाव में झाबुआ-रतलाम सीट जीतीऋ को बरकरार रखना चाहती है। हालांकि, विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद भाजपा के कुछ नेता कम से कम 10 से 12 सीटों के नुकसान की आशंका जता रहे हैं। चुनाव में कांग्रेस के पास खोने के लिए कुछ नहीं है क्‍योंकि 2014 के लोकसभा चुनाव में सिर्फ 2 सीटें जीती थीं। हाल के विधानसभा चुनाव में उसने वोटों के लिहाज से 12 लोकसभा सीटों पर बढ़ बनाई है। ये सीटें मुरैना, भिंड, ग्‍वालियर, राजगढ़, बैतूल, छिंदवाड़ा और देवास हैं। ऐसे में चर्चा यही है कि कांग्रेस सिर्फ विधानसभा चुनाव में मिली 12 सीट की बढ़त बरकरार रख पाती है या सीटें बढ़ा भी सकती है। राजनीतिक विश्‍लेषक और वरिष्‍ठ पत्रकार गिरिजाशंकर कहते हैं कि अगले तीन महीने में राज्‍य की कांग्रेस सरकार कितना बेहतर करती है और केंद्र सरकार किस तरह का प्रदर्शन कर पाती है, इसी पर सब कुछ निर्भर करेगा। वहीं अंतिम समय में मोदी चुनाव प्रचार करके तस्‍वीर बदल देंगे, यह बात कर्नाटक और पांच राजयों के परिणाम के बाद पूरी तरह साबित नहीं हुई है। इसीलिए मोदी मुद्दा तो होंगे, पर प्रभावी नहीं। इधर, वरिष्‍ठ पत्रकार राशिद किदवई कहते हैं कि भाजपा सरकार में ब्‍यूरोक्रेसी हावी थी ऐसे में कांग्रेस पहले की सरकार से कितना अलग दिखती है और कार्य करती है, इससे ही वह जनता के बीच अपनी जगह बनाएगी। हालांकि उसने किसानों को ऋणमाफी और पुलिस महकमे को साप्‍ताहिक अवकाश दे दिया है। परिस्थितियां ज्‍यादा नहीं बदलीं तो 2019 में कांग्रेस की सीटों की संख्‍या बढ़कर 12 से 15 हो सकती हैं। वैसे भाजपा महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय कते हैं कि 2019 में देश में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए विकास कार्य, योजनाएं और ईमानदारी मुद्दा होंगे। इसलिए हम 2014 की तरह फिर 27 सीटें जीतेंगे। इधर, कांग्रेस के लोकसभा में मुख्‍य सचेतक और गुना सांसद ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया कहते हैं कि 2019 के चुनाव के दौरान प्रदेश में दो ही मुद्दे होंगे।  

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