eng
competition

Text Practice Mode

BUDDHA ACADEMY TIKAMGARH (MP) || ☺ || CPCT & MP High Court

created Jan 11th, 11:19 by ddayal2004


0


Rating

248 words
9 completed
00:00
केंद्र और विभिन्‍न राज्‍यों के प्रतिनिधित्‍व वाली वस्‍तु एवं सेवा कर परिषद ने गुरुवार को करदाताओं के लिए एक बार फिर नई राहतों की घोषणा की। इन घोषणाओं का सबसे अधिक लाभ सूक्ष्‍म, लघु और मझोले उद्यमों को हुआ। जीएसटी परिषद ने इनके लिए जीएसटी रियायत की सीमा दोगुनी कर दी। अब 40 लाख रुपये तक के सालाना करोबार वाली कंपनियों को जीएसटी चुकाने से राहत होगी। पूर्वोत्‍तर और पहाड़ी राज्‍यों के लिए यह रियायत सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। परिषद ने कंपोजिशन योजना में भी अहम बदलाव किए हैं। इस योजना के तहत कारोबारियों को रियायती दर पर कर चुकाने की छूट होती है और जीएसटी का अनुपालन आसान होता है। परिषद ने यह तय किया है कि कंपोजिशन योजना की सीमा अब एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये होगी। इसके अलावा परिषद ने सेवा क्षेत्र के लिए भी कंपोजिशन योजना पेश की है। अब तक छोटे सेवा प्रदाता कंपोजिशन योजना का लाभ नहीं ले पाते थे। अब 50 लाख रुपये तक के सालाना करोबार वाले कारोबारी कंपोजिशन योजना का विकल्‍प अपना सकते हैं और 6 फीसदी की कंपोजिशन दर चुका सकते हैं। यह दर 50 लाख की सीमा वाले कारोबारियों द्वारा चुकाए जाने वाली औसत कर दर से कम है। परिषद ने केरल को अधिकतम दो वर्ष तक अंतरराज्‍यीय बिक्री पर एक फीसदी का आपदा कर लगाने की अनुमति दी है लेकिन कुछ अन्‍य विवादित मुद्दों को उसने दो मंत्रियों समूहों के पास स्‍थानांतरित कर दिया।

saving score / loading statistics ...