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9792799085 यूपी पुलिस

created Feb 11th, 13:41 by AbhishekYadav


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बब्बन कपड़े की दुकान पर काम करता था। उन दिनों धंधे में मंदी चल रही थी। दुकान का मालिक खुद मुश्किल से घर चला पा रहा था। बब्बन भी काफी परेशान था। उसकी एक छोटी बेटी थी। वह स्कूल जाती थी। बेटी की स्कूल फीस, किताबों का खर्च और खाना-पीना ठीक से चलता रहे, इसी की फिक्र बब्बन ने देखा कि उसकी आमलमारी का दरवाजा खुला है। उसने अलमारी टटोली, तो पाया कि सोने की पॉलिश वाला लॉकेट गायब है। बब्बन वह लॉकेट कुछ ही साल पहले खरीद कर लाया था। बब्बन ने पूरा घर उटल-पुलट कर डाला, पर लॉकेट  नहीं मिला। जब पत्नी और बेटी को पता चला कि बब्बन उस लॉकेट की खोज में है, तो डरते-डरते बेटी ने बतया कि वह लॉकेट उसने लिया है। यह सुनने ही बब्बन अपनी बेटी पर बरस पड़ा। इससे पहले कि वह कुछ आगे बोले, पत्नी ने बेटी को अंदर भेज दिया और बब्बन से कहा, उसने आपके जन्मदिन के लिए एख तोहफा तैयर किया है। उसी के लिए उसने मुझसे वह लॉकेट मांगा था। वह लॉकेट आपको वापस मिल जाएगा। अगल दिन बेटी सुबह-सुबह उसी लॉकेट में लिपटा हुआ एक डिब्बा लेकर आई और बब्बन को तोहफे के ेतौर पर दे दिया। बब्बन ने डिब्बा खोला तो वह खाली था। उसने अपनी बेटी से पूछा, इस डिब्बे में क्या है? मुझे तो इस डिब्बे में कुछ भी नहीं मिला। बेटी बोली, पापा, वह डिब्बा खाली नहीं है। मेरे पास पैसे नहीं थे कि मैं आपको कुछ दे सकूं, तो मैंने उसमें ढेर साा सारा प्यार, और ढेरों प्रार्थनाएं भर दी हैं। मुझे पता है कि आप को मेरे लिए समय नहीं मिला पाता, आप इतना मेहनत जो करते हैं। तो जब भी आपको मेरी याद आए। या आपको कोई फिक्र सताए, तो मेेरे डिब्बे में से एक प्रार्थना निकाल लीजिएगा। मेरी प्रार्थनाएं हमेशा आपके साथ रहेंगी और आपकी देखभाल करेंगी। बब्बन की आँखों में आंसू गए।

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