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BUDDHA ACADEMY TIKAMGARH (MP) || ☺ || CPCT_Admission_Open BHANU PRATAP SEN

created Apr 12th, 10:24 by Mayank Khare


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बुन्‍देलखण्‍ड की अयोध्‍या के नाम से विख्‍यात राजाराम की नगरी ओरछा में 13 अप्रैल को मनाए जाने वाले उन के जन्‍मोत्‍सव की तैयारियों जोरों पर हैं। श्री रामराजा मंदिर में दोपहर 12 बजे श्रीराम जन्‍म के साथ सरकार की जन्‍म आरती होगी, इसके बाद मंदिर की परम्‍परा अनुसार श्रद्धालुओं को बूंदी, पंजीरी और पंचामृत का प्रसाद वितरित किया जाएगा। इस मौके पर श्रीरामराजा संघर्ष परिषद के लोगों द्वारा सुबह 9 बजे नगर के प्रथम द्वार कुश नगर से गाजों बाजों के साथ सरकार की एक भव्‍य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान रथ पर माता कौशल्‍या के साथ बाल रूप में विराजमान श्री राम लला का नगर के द्वार-द्वार पर तिलक होगा। नगर के लोगों शोभा यात्रा पर क्विंटलों गुलाब गेंदा के फूलों से श्रीरामराजा सरकार के ऊपर पुष्‍प वर्षा करेंगे। यात्रा नगर के मुख्‍य मार्गों से होती हुई श्रीरामराजा मंदिर प्रांगण पहुंचेगी, जहां भव्‍य बधाई गीत समारोह का आयोजन होगा। जिसमें देश की प्रख्‍यात भजन गायक पवन तिवारी और वंश अड़जरिया द्वारा बधाई गीत भजनों की शानदार प्रस्‍तुति दी जाएगी। देर शाम तक पारम्‍परिक बधाइयों का सिलसिला जारी रहेगा। राजा मधुकर शाह की रानी कुंवारी गणेश, अवधपुरी से ओरछा लाई अवध नरेश, बैठे जिनकी गोद में मोदमान विश्‍वेश, कौशल्‍य सानी भई रानी कुंवारी गणेश, ओरछा सहित बुंदेलखंड के लोगों के लिए चैत्र शुक्‍ल नवमी का दिन बड़े ही उल्‍लास और गौरव का दिन है, क्‍योंकि आज पांच सौ वर्ष पूर्व विक्रम संवत् 1631 पुष्‍य नक्षत्र मंगलवार को ओरछा के महाराजा मधुकर शाह की भक्‍त शिरोमणि महारानी कुंवर गणेश अयोध्‍या से श्रीराम के विग्रह को लेकर संत समाज के साथ पदयात्रा करते हुए पुष्‍य नक्षत्र में ओरछा लेकर आई थी। रामजी के आगमन के बाद उन्‍हें ओरछा के राजा के रूप में पूजा जाता है। देश का यह पहला मंदिर है, जहां दिन में चार बार गार्ड आफ ऑनर दिया जाता है।  

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