eng
competition

Text Practice Mode

BUDDHA ACADEMY TIKAMGARH (MP) || ☺ || CPCT_Admission_Open

created Wednesday May 15, 12:12 by Deendayal


0


Rating

471 words
610 completed
00:00
एक किसान के पास बहुत बड़ा खेत था, वह अकेला काम नहीं कर सकता था, क्‍योंकि वह अब बूढ़ा हो चूका था, किसान के परिवार में अब कोई नहीं था, लेकिन किसान की खेती बहुत होती थी, वह साल भर में इतना कमा लेता था कि उसे पूरे साल भी खर्च नहीं कर सकता था किसान हमेशा सोचता था कि वह भी अपने परिवार में रहे लेकिन ऐसा हो नहीं सकता था उसके परिवार में कोई नहीं था। एक दिन किसान अपने काम से दूसरे गांव में गया हुआ था जब वह दूसरे गांव से वापिस रहा था तो उसे रास्‍ते में एक लड़का मिला जो रस्‍ते पर बैठा हुआ था, किसान ने उससे पूछा की तुम यहां पर क्‍यों बैठे हो उस लड़के ने बताया कि अब उसका कोई नहीं है वह पास के गांव में रहता था लेकिन वहा पर अचानक ही बाढ़ गयी और सब कुछ पानी में बह गया था इसलिए वह यहां पर बैठा था किसान ने सोचा की इस लड़के की मदद करनी चाहिए।
    किसान ने उस लड़के से पूछा कि क्या तुम मेरे साथ चलोगे में भी अकेला ही रहता हूं अगर तुम मेरे साथ काम करोगे तो तुम्‍हे भी बहुत अच्‍छा लगेगा लड़के ने किसान की बात मान ली और वह लड़का किसान के साथ उसके घर चल दिया किसान यह सोच रहा था की अब तो यह मरे ही साथ रहेगा अब मुझे अकेलापन नहीं लगेगा दोनों घर गए थे, किसान यह जानता था कि अगर वह घर पर कोई नौकर रखता है तो वह कुछ भी कर सकता था इसलिए किसान अपने आप ही खाना बनाता था और अब एक लड़का भी गया था किसान को बहुत अच्‍छा लग रहा था कोई उसके साथ रहेगा उसकी जिन्‍दगी भी रंगों से भर जायेगी लड़का बहुत ही मेहनती था वह खेत का सारा काम करता था अब किसान को ज्‍यादा चिंता नहीं थी। अब उसके साथ भी काम करने वाला गया था किसान ने देखा की अब लड़का बड़ा हो रहा है अब किसान ने उसकी शादी करनी चाही उसकी शादी के लिए बहुत खर्च किया था किसान अब उसको अपना लड़का ही मानने लगा था लड़का भी किसान की बहुत सेवा करता था। लड़का यह भी जानता था कि किसान ही वह व्‍यक्ति है जिसने उसे सहारा दिया था अगर किसान होता तो वह कहा होता यह कोई भी नहीं जानता है समय धीरे-धीरे चलता रहा किसान भी अब बूढ़ा हो चुका था उस लड़के को संतान हुई और इंसान को वह सब कुछ मिल गया जो वह सिर्फ सपने में सोचा करता था, किसान की इच्‍छा भी पूरी हो गयी थी वह भी एक परिवार मेें था दोस्‍तों परिवार अपनों से बनता है अगर अपने ही नहीं है तो परिवार भी नहीं है इसलिए सभी का ध्‍यान रखे और अपना जीवन खुशियों के साथ बिताये।

saving score / loading statistics ...