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BUDDHA ACADEMY TIKAMGARH (MP) || ☺ || CPCT_Admission_Open

created Sep 11th, 12:35 by Mayank Khare


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सार्वजनिक सेवाओं की सुविधाजनक, आसान और विश्‍वसनीय प्रणाली तैयार करने का कार्य असर इस आधार पर छोड़ दिया जाता है कि यह सब निजी क्षेत्र कर लेगा क्‍योंकि सार्वजनिक व्‍यवस्‍थाओं से गुणवत्‍तापूर्ण सेवाओं की प्रदायगी कराना कठिन ही नहीं, लगभग असंभव है। भारत जैसे विशाल देश में सर्वाधिक वंचित परिवारों तक जरूरी सेवाओं की समता और न्‍याय आधारित प्रदायगी अनिवार्य रूप से लाभार्थियों के साक्ष्‍य आधारित चयन, भलीभांति किए गए अनुसंधान के आधार पर नीतिगत उपायों, सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े संसाधनों की उपलब्‍धता और उनके पूर्ण उपयोग के जरिए मानवीय हस्‍तक्षेप को कम से कम करने और अन्‍य के साथ-साथ संघीय संरचना में काम करने वाली विभिन्‍न एजेंसियों के साथ ठोस तालमेल पर निर्भर करती है। बुनियादी ढांचागत कमियों, विस्‍तृत भौगोलिक क्षेत्रों और देश के कई दुर्गम भूभागों में दूर-दूर बसी विरल आबादी को ध्‍यान में रखते हुए यह कार्य और भी जरूरी हो जाता है। वास्‍तव में इतने बड़े पैमाने पर अपेक्षित सेवाओं की संकल्‍पना, योजना तैयार करना और सेवाएं प्रदान करना गैर-सरकारी एजेंसियों के लिए असंभव है। हालांकि निजी क्षेत्र और स्‍थानीय/राज्‍य स्‍तरों पर कुछ उल्‍लेखनीय उपलब्धियों यां प्राप्‍त हुई हैं।
 

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