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बंसोड टायपिंग इंस्‍टीट्यूट गुलाबरा, छिन्‍दवाड़ा मो.न.8982805777 सीपीसीटी की सम्‍पूर्ण तैयारी बैच प्रांरभ (संचालक-सचिन बंसोड)

created Sep 11th, 14:42 by sachin bansod


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वर्तमान समय में भारत में भ्रष्‍टाचार एक भयावह रुप ले चुका है। यह हमारे देश को ना सिर्फ आर्थिक रुप से क्षति पहुंचा रहा है बल्कि हमारे सांस्कृतिक और पारंपरिक मूल्‍यों को भी नष्‍ट कर रहा है। आज के समय में लोग पैसे के पीछे इतने पागल हो चुके है कि वह सही-गलत तक का फर्क भूल चुके है। यदि समय रहते हमने भ्रष्‍टाचार के इस समस्‍या को नही रोका तो यह हमारे देश को दिमक की तरह चट कर जायेगा। भ्रष्‍टाचार एक बीमारी की तरह है जो कि सिर्फ हमारे देश में ही नहीं अपितु सम्‍पूर्ण विश्‍व में फैलता जा रहा है। भारतीय समाज में ये सबसे तेजी से उभरने वाला मुद्दा है। सामान्‍यत: इसकी शुरुआत और प्रचार प्रसार मौकापरस्‍त नेताओं द्वारा शुरुहोती है जो अपनेतिजी स्‍वार्थो की खातिर देश को खोखला कर रहे है। वो देश की संपदा को गलत हाथों में बेच रहे है साथ ही इससे बाहरी देशों में भारत की छवि को भी धूमिल कर रहे है।
वह अपने व्‍यक्तिगत फायदों के लिये भारत की पुरानी सभ्‍यता तथा संस्‍कृति को नष्‍ट कर रहे है। मौजूदा समय में जो लोग अच्‍छे सिद्धांतों का पालन करते है दुनिया उन्‍हें बेवकूफ समझती है और जो लोग गलत करते है साथ ही झूठे वादे करते है वो समाज के लिये अच्‍छे होते है। जबकि, सच ये है कि ऐसे लोग सीधे साधारण, और निर्दोष लोगों को धोखा देते है और हमेशा उनके ऊपर हावी रहने का प्रयास करते है। भ्रष्‍टाचार दिनों-दिन बढ़ता ही जा रहा है क्‍योंकि अधिकारियों, अपराधियों और नेताओं के बीच में सांठगांठ होती है जो देश को कमजोर करते जा रही है भारत को 1947 में आजादी मिली और वो धीरे-धीरे विकास कर रहा था कि तभी बीच में भ्रष्‍टाचार रुपी बीमारी फैली और इसने बढ़ते भारत को शुरु होते ही रोक दिया।
 

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