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सॉंई टायपिंग इंस्‍टीट्यूट गुलाबरा छिन्‍दवाड़ा म0प्र0 सीपीसीटी न्‍यू बैच प्रारंभ संचालक:- लकी श्रीवात्री मो0नं. 9098909565

created Thursday October 10, 03:09 by lucky shrivatri


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गांव की वह प्रतियोगि‍ता हर साल होती थी उसमे हर तरफ के गांव से लोग आते थे और प्रतियोगिता को जितने की पूरी कोशिश करते थे, जो वह जीत जाता था उसे विजेता घोषित किया जाता था, उसको इनाम में पूरे गांव में साल भर तक खाना खिलाया जाता था। उसकी सभी जरूरत को ध्‍यान में रखा जाता था। क्‍योंकि वह प्रतियोगिता को जीत जाता है तभी वह एक विजेता के तौर पर किसी भी गांव से अपनी जरूरत का सामान ले लिया करता था एक तरह से वह पूरे सालभर राजा की तरह ही रहता था।  
उसी गांव में एक लड़का जिसका नाम हरी था हरी का अगर हम स्‍वभाव की बात करे तो वह बहुत अच्‍छा लड़का था मगर वह अकेला गांव में रहता था उसके परिवार में कोई भी नहीं था उसे खाने की समस्‍या भी बहुत थी क्‍योंकि उसके पास कोई भी जमीन नहीं थी, वह कुछ सब्जियों को बेचकर ही अपना घर चलाता था, वह भी उस प्रतियोगिता में भाग लेता था मगर हर बार हार जाता था, वह पूरी कोशिश करता था मगर उसे हार ही हाथ लगती थी, उसके लिए इस प्रतियोगिता को जितना बहुत जरूरी था मगर कैसे उसे कुछ भी नही पता था। वह कोई राजा की तरह जीवन नहीं जीना चाहता है बल्कि अगर वह जीतता है तो वह उन गरीब बच्‍चों की भी मदद करता जोकि उसने बहुत बार देखा था मगर उसके लिए प्रतियोगिता को जीतना बहुत जरूरी था, वह पूरी तरह से मेहनत कर रहा था, वह यह भी देख रहा था की वह किस खेल में अच्‍छा कर सकता है, अगर कोई भी अपने खेल में बहुत समय में और सभी के फैसले के बाद विजेता चुना जाता है तो वह सच में विजेता होता था।  
उस आदमी को अच्‍छे से दौड़ आती थी मगर उसमें वह हर साल हार का सामना कर रहा था, वह जीतना चाहता था मगर वह कैसे जीत सकता था, उसके बारे में सोचकर वह अपनी दाैड़ पर पूरी मेहनत कर रहा था, वह यही चाहता था की वह उस दौड़ को जीत पाए तभी उसे विजेता घोषित किया जा सकता था, वह रोज मेहनत करता था जिससे वह जीत पाए, हर रोज सुबह ही वह तैयारी में लग जाता था और उसके बाद कुछ सब्जियों को बेचने चला जाता था, दौड़ का दिन भी नजदीक गया था। आज दौड़ का दिन था सभी लोग वहा पर गए थे क्‍योंकि आज प्रतियोगिता का दिन गया था, सभी गावों से लगभग पचास लोगों ने भाग लिया था सभी तरह के खेल वहा पर थे उस आदमी ने जैसा की वह दौड़ना चाहता था वही खेल उसने चुना था, सभी खेल धीरे-धीरे आरम्‍भ किये गए थे, सभी खेल में से एक  विजेता को चुना जा रहा था
 उसके बाद जब खेल के सभी विजेता जाते थे उसके बाद ही उनमें से एक विजेता को चुना जाता था इस तरह खेल का विजेता चुना जाता था।  

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