eng
competition

Text Practice Mode

बंसोड टायपिंग इन्‍स्‍टीट्यूट शॉप नं. 42 आनंद हॉस्टिपटल के सामने, संचालक- सचिन बंसोड मो.नं.

created Oct 21st, 11:38 by shilpa ghorke


0


Rating

449 words
4 completed
00:00
हम अपने दैनिक दिनचर्या पर थोड़ा सा ध्‍यान दे तो अभ्‍यास के द्वारा हम अपने जीवन में काफी बदलाव ला सकते हैं। मनुष्‍य के साथ ही अन्‍य जीवित प्राणियों को अपने आजीविका को प्राप्‍त करने के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ता है। मनुष्‍य को किसी भी वस्‍तु को पूर्णता के साथ सीखने के लिए नियमित अभ्‍यास करना पड़ता है। मनुष्‍य को स्‍वयं के लिए लक्ष्‍यों को निर्धारित करने पड़ते है और उसके बाद सफल जीवन के लिए उसी के अनुसार अभ्‍यास करना पड़ता है। निय‍मित अभ्‍यास करने के लिए, किसी को भी बहुत अधिक धैर्य, लगन, और दृढ़ इच्‍छा शक्ति की आवयश्‍कता होती है। अभ्‍यास लोगों के गुणों को बेहतर गुणों में बदल सकता है। कुछ निश्चित गतिविधियों का अभ्‍यास करने के लिए, मनुष्‍य को अपना मस्तिष्‍क, आत्‍मा, और शरीर की एक स्‍थान पर सुचारु रूप से अधिक सहजता और सन्‍तुष्टि के साथ निश्चितआवश्‍यक उपलब्धियों की प्राप्ति के लिए एकाग्रता की आवश्‍यकता है। बिना दृढ़ निश्‍चय के, कोई भी सफलता के साथ अभ्‍यास में संलग्‍न नहीं हो सकता है. आशाहीन व्‍यक्ति कभी भी अभ्‍यास नहीं करते हैं, क्‍योकि वे पर्याप्‍त परिणाम की प्राप्ति से पहले ही आसानी से अपना अभ्‍यास छोड़ देते हैं। अभ्‍यास को नियमित रखने के लिए, एक व्‍यक्ति को सकारात्‍मक सोच के साथ आशा, विश्‍वास और आत्‍मविश्‍वास की आवश्‍यकता होती है। यदि हम इतिहास पर दृष्टि डालें, तो हम देखते हैं कि, एकलव्‍य को गुरु द्रोणाचार्य ने धनुरविद्या सिखाने से मना कर दिया था हालांकि, उसके दृढ़ निश्‍चय ने उसकी मदद की और वह अपने  गुरु की मुर्ति के सामने किए गए कुछ वर्षो के नियमि‍त अभ्‍यास से तीरंदाजी बहुत अच्‍छे से सीख गया था। अभ्‍यास हमारे लिए व्‍यायाम और मंत्र की तरह है, जो शारीरिक और मानसकि संस्‍थाओं को आवश्‍यक आवृति के साथ एक रास्‍ते पर लाती है और धीरे-धीरे लेकिन निश्चितता के साथ हमें पूर्णता की ओर ले जाती है। विश्‍वास के साथ नियमित अभ्‍यास एक एकजुट ताकत का निर्माण करता है, तो शारीरिक और मानसिक संस्‍थाओं को आवश्‍यक  आकृति के साथ कार्य करने के लिए एक-दूसरे से जोड़ता हैं। यदि योजनाबद्ध तरीके से अभ्‍यास  किया जाए, तो कोई भी अपना लक्ष्‍य धीरे–धीरे से लेकिन निश्‍चय ही प्राप्‍त कर सकता है महत्‍वाकांक्षी को पूरा करने के कठिन परिश्रम करते हैं, परन्‍तु कभी हारने के बारे में नहीं सोचते हैं। अभ्‍यास एक ऐसा साधन है, जिसका उपयोग हम स्‍वंय को बेहतर करने के लिए कर सकते है तथा इसके साथ ही इसके द्वारा हम अपनी प्रतिभाओं  और क्षमताओं को भी निखार सकते हैं। अभ्‍यास हमारा सबसे अच्‍छा दोस्‍त होता है, जो हमें सफलता की  ओर ले जाता है और सदैव ज्ञान को हमारे साथ रहने देता है। अभ्‍यास परिपूर्ण बनाता है निश्चित रूप से एक आम प्रयोग में लाये जाने वाला वाक्‍यांश है।  

saving score / loading statistics ...