eng
competition

Text Practice Mode

साँई टायपिंग इन्‍स्‍टीट्यूट गुलाबरा छिन्‍दवाड़ा (म0प्र0) सीपीसीटी न्‍यू बैंच प्रारंभ संचालक- लकी श्रीवात्री मोबाईल नम्‍बर- 9098909565

created Tuesday January 14, 07:02 by Sai computer typing


0


Rating

424 words
137 completed
00:00
सूर्य का मकर राशि में प्रवेश संक्रान्ति रूप में जाना जाता है। उत्‍तर भारत में यह पर्व मकर संक्रान्ति के नाम से और गुजरात में उत्‍तरायण नाम से जाना जाता है। मकर संक्रान्ति को पंजाब में लाहडी पर्व, उतराखंड में उतरायणी, केरल में पोंगल, गढवाल में खिचड़ी के नाम से मनाया जाता है।  
मकर संक्रान्ति के शुभ समय पर हरिद्वार,काशी आदि तीर्थो पर स्‍नानादि का विशेष महत्‍व माना जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा-उपासना भी की जाती है। शास्‍त्रीय सिद्धांतानुसार सूर्य पूजा करते समय श्रेतार्क तथा लाल रंग के पुष्‍पों का विशेष महत्‍व है। इस दिन सूर्य की पूजा करने के साथ-साथ सूर्य को अर्घ्‍य देना चाहिए।   
मकर संक्रान्ति के दिन दान करने का महत्‍व अन्‍य दिनों की तुलना में बढ जाता है। इस दिन व्‍यक्ति को यथासंभव किसी गरीब को अन्‍नदान, तिल गुड का दान करना चाहिए। तिल या फिर तिल से बने लड्डू या फिर तिल के अन्‍य खाद्ध पदार्थ भी दान करना शुभ रहता है। धर्म शास्‍त्रों के अनुसार कोई भी धर्म तभी फल देता है, जब वह पूर्ण आस्‍था विश्‍वास के साथ किया जाता है। जितना सहजता से दान कर सकते हैं, उतना दान अवश्‍य करना चाहिए।  
मकर संक्रान्ति के साथ अनेक पौराणिक तथ्‍य जुड़े हुए हैं जिसमें से कुछ के अनुसार भगवान आशुतोष ने इस दिन भगवान विष्‍णु जी को आत्‍मज्ञान का दान दिया था। इसके अतिरिक्‍त देवताओं के दिनों की गणना इस दिन से ही प्रारम्‍भ होती है। सूर्य जब दक्षिणायन में रहते है तो उस अवधि को देवताओं की रात्रि उतरायण के छ: माह को दिन कहा जाता है। महाभारत की कथा के अनुसार भीष्‍म पितामह ने अपनी देह त्‍यागने के लिये मकर संक्रान्ति का दिन ही चुना था।  
यहां भी कहा जाता है कि आज ही के दिन गंगा जी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा मिली थी। इसीलिए आज के दिन गंगा स्‍नान तीर्थ स्‍थलों पर स्‍नान दान का विशेष महत्‍व माना गया है। मकर संक्रान्ति के दिन से मौसम बदलाव आना आरम्‍भ होता है। यही कारण है कि रातें छोटी दिन बड़े होने लगते हैं। सूर्य के उतरी गोलार्द्ध की ओर जाने के कारण ग्रीष्‍म ऋतु का प्रारम्‍भ होता है। सूर्य के प्रकाश में गर्मी और तपन बढ़ने लगती है। इसके फलस्‍वरूप प्राणियों में चेतना और कार्यशक्ति का विकास हाेता है।  
मकर संक्रान्ति के दिन खाई जाने वाली वस्‍तुओं में जी भर कर तिलों का प्रयोग किया जाता है। तिल से बने व्‍यंजनों की खुशबू मकर संक्रान्ति के दिन हर घर से आती महसूस की जा सकती है।  

saving score / loading statistics ...