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सॉंई कम्‍प्‍युटर टायपिंग इंस्‍टीट्यूट गुलाबरा छिन्‍दवाड़ा म0प्र0 सीपीसीटी न्‍यू बैच प्रारंभ संचालक:- लकी श्रीवात्री मो0नं. 9098909565

created Thursday July 22, 04:18 by sai home


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कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के समय लगाई पाबंदियां हटाई जा रही है, ताकि आर्थिक गतिविधियां चालू हो सकें। जब स्‍कूल खोलने की बात आती है, तो सरकारें, शिक्षक और अभिभावक तीनों ही चिंतित हो जाते है, जबकि वास्‍तविकता यह है कि करीब 170 देशों में स्‍कूल चल रहे है। कई देश जैसे कि फ्रांस, स्‍वीडन और नीदरलैंड ने महामारी के चरम पर भी अपने देशों में स्‍कूल बंद नहीं किए थे। अब जब बात साफ है कि महामारी अभी कई महीनों तक रहेगी और वायरस कई सालों तक। ऐसे में क्‍या अब भारत में भी स्‍कूल खुलने चाहिए? अगर तथ्‍यों की बात करें तो जवाब है हां। पिछले सोलह महीनों से स्‍कूल बंद रहेन से बच्‍चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। ऑनलाइन पढ़ाई, स्‍कूल जाकर जो समग्र शिक्षा होती है, उसका विकल्‍प नहीं है। बच्‍चे स्‍कूल में अन्‍य बच्‍चों के संपर्क में आने से जीवन के महत्‍वपूर्ण आयाम मानसिक, शारीरिक और भावनात्‍मक पहलुओं के बारे में सीखते है, जो ऑनआइन पढ़ाई से संभव नहीं है। दूसरी बात, ऑनलाइन पढ़ाई सिर्फ ऐसे कुछ बच्‍चों के लिए उपयोगी होती है, जिनके परिवार में कोई व्‍यक्ति उन्‍हें पढ़ाए। इसलिए गरीब और निचले तबके बच्‍चों का अत्‍यधिक नुकसान हो रहा है, क्‍योंकि उनके पास तो इंटरनेट वाला फोन परिवार में कोई पढ़ाने वाला है। ऐसे कई बच्‍चों के लिए स्‍कूल मध्‍याह्न भोजन की जगह भी है और ऐसा हो पाने पर बच्‍चों की शिक्षा के साथ पोषण का भी नुकसान हो रहा है।  
जब महामारी की शुरूआत मे स्‍कूल बंद किए गए थे, तो वायरस के बारे में हमारी समझ कम थी। उपलब्‍ध साक्ष्‍य बताते हैं कि बच्‍चों को कोविड-19 का खतरा नगण्‍य है। साक्ष्‍य है कि स्‍कूल खोलने के लिए बच्‍चों का टीकाकरण होना जरूरी नहीं है। कुछ अध्‍ययन आए है, जो बताते हैं कि बच्‍चों को कोरोना से गंभीर बीमारी होने की आशंका, मौसमी फ्लू की बीमारी से भी आधी है। कई सेरो-सर्वे दर्शाते है कि बच्‍चों में पहले एंटीबॉडी बन चुके है।  
अभिवावकों की चिंता समझ आती है, लेकिन उन्‍हें आश्‍वस्‍त होने की जरूरत है कि सरकार और विशेषज्ञ मिलकर सभी बच्‍चों के हित में सही फैसले लेगे। साथ ही, भले ही स्‍कूल खुल जाये अंतिम निर्णय माता-पिता का होना चाहिए कि क्‍या वे अपने बच्‍चे को स्‍कूल भेजकर पढ़ाना चाहते हैं या ऑनलाइन।  

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