每分钟单词数

26

SHRAVAN_KUMAR_YADAV


00:00

速度

ीनी माल के सस्ते होने तीन कारण है। पहला-चीन में उद्योगों की प्रदूषण फैलाने पर रोक कम ही है। प्रदूषण नियंत्रण पर उनका खर्च कम आता है। इसका उदाहरण हमे तब दिखा था जब अमेंरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बीजिंग यात्रा के दौरान चीन ने कुछ समय के लिए बीजिंग के आसपास के सभी उद्योग बंद कर दिऐ गए थे और हवा पूरी तरह से साफ हो गई थी। समस्या का सामना करने के लिए भारत को चीन से आयातित माल पर आयात कर बढ़ाने चाहिए। तमाम ऐसे उत्पाद है जिन पर हमने विश्व व्यापार संगठन यानी डब्लू-टी-ओ के नियमे से कम आयात कर लगा रखे है। उन्हें तय सीमा के दायरे में तो बढ़ा ही सकते है यदि भारत में चीन से फुटबॉल पर आयात ज्यादा हो रहा हो तो फुटबॉल पर आयात कर बढाने से भारतीय फुटबॉल निर्माताओ को राहत दी जा सकती है। चीन से आयातित माल के सस्ते होने का दूसरा कारण भारत में उत्पादन लागत ज्यादा होना है। भारत के छोटे उद्योगों पर सरकारी कर्मियों के भ्रष्टाचार का भारी बोझ है। कहा जाता है कि सरकारी कर्मियो द्वारा घूस की दरे बहुत बढ़ गई है। जी.एस.टी के अनुपालन में भी छोटे उद्योगों को परेशानिया रहीं है। ऐसे में सरकार को चाहिए की जमीनी स्तर के भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करे और छोटे उद्योगों के लिए जीएसटी को सरल बनाए। तीसरा कारण श्रम की न्यून उत्पादकता है। भारत में श्रमिक के वेतन लगभग चीन के बराबर है, लेकिन चीनी श्रमिक उतने ही समय में उसी प्रकार की मशीन पर भारत के श्रमिक की तुलना में दोगुना काम करते है। इसके समाधान के लिए भारत को श्रम कानूनो का सरलीकरण करना चाहिए, जिससे उद्यमी के लिए श्रमिक से काम लेना सरल हो जाए। ये तीन कदम उठा लिए जाए तो भारत में चीनी माल का दबदबा कम हो जाएगा। इसके बाद यदि वालमार्ट फ्लिपकार्ट का अध्ग्रहण करती भी हैं तो उससे कोई खास फर्क नही पड़ेगा, क्योकि हमारे उत्पाद चीन से प्रतिस्पर्धा करने की स्थति मे होगे।
每分钟单词数
0
wpm
准确率
0%
文本练习 - 用时 509 - English

每分钟单词数