מילים לדקה
202
Darsh_KEWAT
00:00
מהירות
15.7.26
साक्षी से अअभियोजन द्वारा प्रतिपरीक्षण में पूछे जा सकते वाले सूचक प्रश्न पूछे जाने पर साक्षी द्वारा अभियोजन कथा का कोई समर्थन नहीं किया गया है। उक्त साक्षी साक्षी ने अपने प्रतिपरीक्षण में इस सुझाव को स्वीकार किया है कि पुलिस ने उससे थाने पर कुछ कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराये थे। स्पष्ट है कि उक्त साक्षी ने अभियुक्तगण की पहचान एवं अभियुक्तगण द्वारा घटना कारित करने के संबंध में कोई कथन नहीं किये थे। अत: उसकी साक्ष्य का लाभ अभियोजन को प्राप्त नहीं होगा। उपरोक्त विचारणीय प्रश्न के संबंध में नरेश साहू (अभिसाक्ष्य-2) ने कथन किया है कि वह अभियुक्त नटवरलाल व महिपाल को नहीं जानता हे। उसे घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पुलिस ने उसके समक्ष कोई कार्यवापही नहीं की किन्तु तलाशी पंचनामा प्रदर्श पी 01. भौतिक सत्यापन पंचनामा प्रदर्श पी 02, मदिरा जांच पंचनामा प्रदर्श-पी-03 जप्तीपत्रक प्रदर्श पी-04, गिरफ्तारी पंचनामा प्रदर्श-पी-05 नजरी नक्शा प्रदर्श-पी-06 के सी से सी भाग पर उसके हस्ताक्षर है। पुलिस ने उसके कोई पूछताछ नहीं की ना ही उसके कथन लेख किये थे। साक्षी से अभियोजन द्वारा प्रतिपरीक्षण में पूछे जा सकने वाले सूचक प्रश्न पूछे जाने पर साक्षी द्वारा अभियोजन कथा का कोई समर्थन नहीं किया गया है। उक्त साक्षी ने इस सुझाव से इंकार किया है कि दिनांक 30.08.20 को पुलिस ने उसके समक्ष महत्मा गांधी चौराहे पर सिल्वर कलर की चार पहिया वाहन अल्टो कार क्रमांक को रोका था तथा उसके समक्ष तलाशी ली थी। इस सुझाव से भी इंकार किया है कि वाहन में बैठे दोनों व्यक्तियों से उसके समक्ष आबकारी उप निरीक्षक बबीता भट्ट मेडम ने पूछताछ की थी जिसमें एक ने अपना नाम नटवरलाल तथा दूसरे ने अपना नाम महिपाल सिंह बताया था। उक्त साक्षी ने आगे इस सुझाव से भी इंकार किया है कि वाहन की तलाशी लेने पर वाहन के पिछले हिस्से में 6 पेटी विदेशी मदिरा की मिली थी जिसे रखने के संबंध में उनके पास कोई वैध लायसेंस नहीं था। इस सुझाव से भी इंकार किया है कि दोनों व्यक्तियों ने पूछताछ में बताया था कि वह उक्त शराब नटवरलाल के पहचान के एक आदमी से अब्दुल्लागंजके पास के जंगल से लेकर आए थे।