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inscript typing hindi
created May 3rd 2018, 07:02 by MOHITBHARDWAJ1487462
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श्रीमन, यदि आपने गाँवों का दौरा किया है तो वहाँ के लोग आपको यह कहते हुए मिलेंगे कि इतने साल हो गए आजादी के, इतना पैसा सरकार की तरफ से गाँवों के विकास के लिए दिया जाता है, गाँवों में सड़कें बनाने के लिए दिया जाता है, पीने के पानी का इंतजाम करने के लिए दिया जाता है, लेकिन हालत यह है कि आज भी गाँवों की औरतों को 4 मील दूर से पानी लाना पड़ता है। हिंदुस्तान के कई राज्यों में ऐसी हालत है। इस हालत को ठीक करने के लिए सरकार को ज्यादा-से-ज्यादा ध्यान देना चाहिए और ज्यादा-से-ज्यादा पैसा इसमें देना चाहिए, लेकिन मुझे खेद के साथ कहना पड़ता है कि हमारा ध्यान एशियार्ड की तरफ जाता है। गाँवों के सुधार की तरफ नहीं जाता है। यदि गाँवों का विकास नहीं होगा तो आपको किस प्रकार अच्छे खिलाड़ी मिल सकेंगे। आपके खेल के मैदान किस काम में आयेंगे। बार-बार आपको दुनिया के सामने पराजय का मुँह देखना पड़ता है, लेकिन फिर भी आपने कभी नहीं सोचा कि गाँवों के नौजवानों का सही ढ़ंग से विकास होना ही आपको अच्छे और स्वस्थ खिलाड़ी मिल सकेंगे।
महोदय, गाँधी जी पर फिल्म बनाने के लिए तो आपने करोड़ों रुपये दिए, लेकिन गाँधी जी के भारत के गाँवों के विकास के लिए आप कुछ नहीं कर रहे हैं। गाँधी जी यह चाहते थे कि हिंदुस्तान का गरीब-से-गरीब आदमी यह महसूस करे कि वह संतुष्ट है। गाँधी जी का कहना था कि हिंदुस्तान के गरीब-से-गरीब आदमी का चेहरा आपके सामने होना चाहिए, उसको देखकर आपको बजट बनाना चाहिए।
महोदय, गाँधी जी पर फिल्म बनाने के लिए तो आपने करोड़ों रुपये दिए, लेकिन गाँधी जी के भारत के गाँवों के विकास के लिए आप कुछ नहीं कर रहे हैं। गाँधी जी यह चाहते थे कि हिंदुस्तान का गरीब-से-गरीब आदमी यह महसूस करे कि वह संतुष्ट है। गाँधी जी का कहना था कि हिंदुस्तान के गरीब-से-गरीब आदमी का चेहरा आपके सामने होना चाहिए, उसको देखकर आपको बजट बनाना चाहिए।
