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BUDDHA ACADEMY TIKAMGARH (MP) || ☺ || CPCT Admission Open

created Mar 15th, 06:11 by ddayal2004


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आज बेरोजगारी की समस्‍या विकसित एवं अल्‍पविकसित दोनों प्रकार की अर्थव्‍यवस्‍थाओं की प्रमुख समस्‍या बनती जा रही है। भारत जैसी अल्‍पविकसित अर्थव्‍यवस्‍था में तो यह विस्‍फोटक रूप धारण किये हुये है। भारत में इसका प्रमुख कारण जनसंख्‍या वृद्धि, पूंजी की कमी आदि है। यह समस्‍या आधुनिक समय में युवावर्ग के लिये घोर निराशा का कारण बनी हुई है। अर्थव्‍यवस्‍था विकसित है। या अल्‍पविकसित, बेरोजगारी का होना सामान्‍य बात है। साधारण बोलचाल में बेरोजगारी का अर्थ होता है कि वे सभी व्‍यक्ति जो उत्‍पादक कार्यों में लगे हुये नहीं होते। भारत में बेरोजगारी एक गंभीर समस्‍या है।
    भारत में दो प्रकार की बेरोजगारी है प्रथम, ग्रामीण बेरोजगारी, द्वितीय, शहरी बेरोजगारी। बेरोजगारी के अनेक कारण हैं जैसे जनसंख्‍या वृद्धि, पूंजी की कमी, विकास की धीमी गति अनुपयुक्‍त तकनीकों का प्रयोग, अनुपयुक्‍त शिक्षा प्रणाली आदि। यद्यपि शहरी एवं ग्रामीण बेरोजगारी का समाधान करने के लिये समन्वित रूप से सरकार द्वारा अनेक कारगर उपाय किये गये हैं तथापि इस समस्‍या से तभी उबरा जा सकता है जबकि जनसंख्‍या को नियन्त्रित किया जाये और देश के आर्थिक विकास की ओर ढांचागत योजनायें लागू की जाएं। इस ओर सरकार गंभीर रूप से प्रयास भी कर रही है। बेरोजगारी की समस्‍या जटिल अवश्‍य है किन्‍तु इसका हल किया जा सकता है क्‍योंकि कुछ समस्‍यायें ऐसी होती हैं जो स्‍वयं मनुष्‍यों द्वारा उत्‍पन्‍न की जाती हैं और जिन्‍हें दूर भी मनुष्‍य ही कर सकता है। देश में योजनाओं को ठीक से लागू किया जाये।

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