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सीपीसीटी क्‍लासेस, ग्‍वालियर

created May 15th, 06:55 by Dinesh Jha


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आज के समय में बेरोजगारी एक बड़ी समस्‍या होती जा रही है, लोग खाने के दो वक्‍त की रोटी के लिये तरस रहे है, कुछ लोग तो सरकार की दम पर ही अपना जीवन व्‍यतीत कर रहे है, आज के समय में शिक्षा का अभाव भी बहुत हो  गया है आज के इस युग में ि‍किसी को भी शिक्षा की भी कमी नहीं  है फिर लोग अपने आप में नहीं सभल रहे है क्‍योंकि लोागों को कुछ हद तक मुफ्त के खाने की जरूरत सी हो गई है, आज विश्‍व एक आर्थिक मंदी से लड़ रहा है और बेरोजगारी की दर दिन प्रतिदिन वढती जा रही है इससे अन्‍राष्‍ट्रीय स्‍तर पर भी बहुत प्रभाव पड़ा है इससे हमें भी सचेत होना होगा की आने वाले समय में कितना बुरा हो सकता है। फिर भी हम नहीं सभल रहे है अपने उपयोग की वस्‍तुओं का चाहे जैसे तरीके से उपयोग कर रहे है मनुष्‍य को यह बात समझ में नहीं आती है कि उसे प्राकृतिक संसाधनाें का हो सके उतना कम उपयोग करना चाहिए, आज के समय पेड़ों की कटाई से प्राकृतिक संतुलन गड़वडा गया है। शिक्षा की कमी भी इस बात के लिये प्रमुख उत्‍तरदायी है और कुछ हद तक इसके बारे में पूर्ण  जानकारी होना भी इसकेे लिये उत्‍तरदयी है, अपने बच्‍चों को पर्यावरण की शिक्षा भी देना चाहिए जिससे बच्‍चों को उसको संरक्षण के लिये जानकरी मिले पर्यावरण रहेगा तभी तो जीवन रहेगा इस ममय पर्यावरण का संरक्षण विश्‍व स्‍तर पर बड़ा ही मुख्‍य विषय बना हुआ है इससे हर कोई जानना चाहता है कि यह समस्‍या कैसे हल होगी परन्‍तु कोई कुछ भी नहीं कर रहा है, सब केवल इसी में लगे है कि वह करेगा या वह करेगा सब के सब तू तू तूू में लगे है कोई कुछ करना नहीं चाह रहा और परिवर्तन सभी को चाहिए जब तक सब मिलकर कुछ नहीं करेगें तब तक कुछ नहीं हो सकता है         

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