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मन की बात जूनियर असिस्टेंट 23 जून

created Jun 10th, 02:33 by SagarSumit


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मेरे प्यारे देशवासियों, नमस्कार। हम देख रहे है कि किस प्राकर से देश पूरी ताकत के साथ कोविड-19 के खिलाफ़ लड़ हा है। पिछले सौ वर्षों में यह सबसे बड़ी महामारी है और इसी पेंडेमिक के बीच भारत ने अनेक प्राकृतिक आपदाओं को भी डटकर मुकाबला किया है। इस दौरान साइक्लोन अम्फान आया, साइक्लोन निसर्ग आया, अनेक राज्यों में बाढ़ आई, छोटे-बड़े अनेक भूकंप आए, भू-स्खलन हुए। अभी-अभी पिछले 10 दिनों में ही देश ने, फिर दो बड़े साइक्लोन का सामना किया। पश्चिमी तट पर साइक्लोन ‘ताऊ-ते’ और पूर्वी कोस्ट पर साइक्लोन ‘यास’ इन दोनों चक्रवातों ने कई राज्यों को प्रभावित किया है। देश और देश की जनता इनसे पूरी ताक़त से लड़ी और कम से कम जनहानि सुनिश्चित की। हम अब ये अनुभव करते हैं कि पहले के वर्षों की तुलना में, ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचा हा रहे है। विपदा के इस कठिन और असाधारण परिस्थिति में साइक्लोन से प्रभावित हुए सभी राज्यों के लोगों ने जिस प्रकार के साहस का परिचय दिया है, िस संकट की घड़ी में बड़े धैर्य के साथ, अनुशासन के साथ मुकाबता किया है- मैं आदरपूर्वक,ह्रदयपूर्वक सभी नागरिकों की सराहनाकरना चाहता हूँ। जिन लोगों ने आगे बढ़कर राहत और बचाव के कार्य में हिस्सा लिया, ऐसे सभी लोगों की जितनी सराहना करें, उतनी कम है। मैं उन सब को सेल्यूट करता हूँ। केंद्र, राज्य सरकारें और स्थानीय प्रसाशन सभी, एक साथ मिलकर इस आपदा का सामना करने में जुटे हुए है। मैं उन सभी लोगों के प्रति अपबनी संवेदना व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने अपने करीबियों को खोया है। हम सभी इस मुश्किल घड़ी में उन लोगों के साथ मज़बूती से खड़े है, जिन्होंने इस आपदा का नुकसान झेला है।  
मेरे प्यारे देशवासियों, चुनौती कितनी ही बड़ी हो, भारत का विजय का संकल्प भी हमेशा उपना ही बड़ा रहा है। देश की सामूहिक शक्ति और हमारे सेवा-भाव ने, देश को हर तूफान से बाहर निकाना है। हाल के दिनों में हमने देखा है कि कैसे हमारे डॉक्टर्स, नर्सेस, और फ्रान्ट-लाइन वारियर्स- उन्होंने खुद की चिंता छोड़कर दिन रात काम किया और आज भी कर रहे है।  

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