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साँई कम्‍प्‍यूटर टायपिंग इन्‍स्‍टीट्यूट गुलाबरा छिन्‍दवाड़ा, संचालक- लकी श्रीवात्री मो. नं. 9098909565

created Nov 25th, 11:51 by Shankar Pawar


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एक दिन एक मनुष्‍य भगवान से पूछा कि प्रेम क्‍या है? तब भगवान ने इस मनुष्‍य से कहा कि जाओ, जाकर मेरे लिए पहले सबसे सुन्‍दर खूबसूरत सा फूल लेकर आओ।
तब व‍ह मनुष्‍य एक बाग में जाता है, वहां एक लाल गुलाब देखता है, लेकिन इसे नहीं तोड़ता है, फिर वह आगे गया परन्‍तु उसे इस लाल गुलाब से खूबसूरत फूल नहीं मिला, तो वह वापस इसी बाग में वापस आया तो वह गुलाब वहां नहीं था। तो वह मनुष्‍य बहुत दु:खी दिल से भगवान के पास गया और भगवान को सब कुछ बताया तो भगवान ने इससे कहा। कि जब प्रेम तुम्‍हारे पास था तब तुम्‍हें इसकी कद्र नहीं थी लेकिन जब प्रेम तुम्‍हारे पास नहीं है। तो तुम इसके लिए तड़प रहे हो यही प्रेम है।
एक बार एक पिता और एक पुत्री मेला घूमने गए। मेले में जाने से पहले पिता ने पुत्री से कहा- बेटी आप मेरा हाथ अच्‍छे से पकड़ लो नहीं तो मेले में गुम हो जाओगी। तब बेटी ने कहा पिताजी आप मेरा हाथ अच्‍छे से पकड़ लीजिए नहीं तो आप गुम हो जाओगे। तो पिता ने कहा- बेटी आप मेरा हाथ पकड़ो या मैं आपका, बात तो एक ही है। तब बेटी ने कहा- नहीं पिताजी अगर मैं आपका हाथ पकडूंगी तो शायद गलती से मेरा हाथ छूट जाये, लेकिन मैं जानती हूँ कि अगर आपने मेरा हाथ पकड़ा तो चाहे कुछ भी हो जाये, आप मेरा हाथ कभी नहीं छोड़ेंगे।  

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