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SHAHID MANSOORI, MP HIGH COURT ag3 hindi typing with zero error, khurai, sagar,m.p.

created Jul 29th, 05:10 by Ghulam Mustafa


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प्रत्‍यर्थी-निर्धारिती ने निर्धारण वर्ष 1979-80 के लिए कुल आवर्त की रिपोर्ट दी और उनके द्वारा प्रारूप ए-1 में फाइल की गई विवरणी में यह दावा किया गया कि जिस कराधेय आवर्त के संबंध में रिपोर्ट दी गई है वह पूरा कर से छूट प्राप्‍त है, इस आवर्त पर कर कछ नहीं है। निर्धारण प्राधिकारी के समक्ष निर्धारिती ने संपूर्ण आवर्त पर कटौती किए जाने का दावा इस आधार पर किया है कि उसने उस आवर्त को श्रम प्रभार के रूप में प्राप्‍त किया था। दूसरी तरफ निर्धारण प्राधिकारी की यह राय थी कि निर्धारिती ने जीरोक्‍स से निकाली गई दस्‍तावेजों की फोटोस्‍टेट प्रतियों को बेचा था और परिणामत: इस संव्‍यवहार को उनके द्वारा पेश किए गए दस्‍तावेजों की प्रतियों का बेचा जाना और वे चार प्रतिशत की दर से कर के अध्‍यधीन माना जाएगा। इससे व्‍यथित होकर प्रथम अपील प्राधिकारी के समक्ष एक अपील फाइल की गई थी जिसने निर्धारण अधिकारी की राय की पुष्टि की थी। अधिकरण के समक्ष अपील करने पर निर्धारिती के दावे को कायम रखा गया था और यह अभिनिर्धारित किया गया था कि जीरोक्‍स मशीन की सहायता से प्रतियां निकालने में लगभग वैसी ही प्रक्रिया अंतर्वलित होती है जैसी फोटोग्राफी में होती है और मशीन की देखभाल के लिए प्रशिक्षित कार्मिकों की आवश्‍यकता होती है तथा मशीन को चलाने के लिए कौशल और प्रज्ञा की आवश्‍यकता होती है, इसलिए इस प्रयोजन के लिए निर्धारिती द्वारा प्राप्‍त प्रभार को केवल श्रम और कुशलता की लागत माना जाना चाहिए। परिणामत: अधिकरण में निचले प्राधिकारियों के आदेशों को अपास्‍त कर दिया था। विक्रय-कर अपील अधिकरण के आदेश तारीख 20 जुलाई 1982 का पुनरीक्षण करने के लिए अर्जी मंजूर करते हुए, न्‍यायालय के समक्ष उत्‍पन्‍न समस्‍या पर ध्‍यानपूर्वक विचार करने के पश्‍चात् जिस आधारभूत कसौटी को स्‍वीकार किया गया है वह यह है कि आवश्‍यक रूप से संविदा की प्रकृति क्‍या है और इसका उत्‍तर पक्षकारों के आशय के सही परिप्रेक्ष्‍य को ध्‍यान में रखकर और सभी सुसंगत पहलुओं पर पूर्ण रूप से विचार करने के पश्‍चात् मिल सकता है, कि किसी संविदा में किसी विशिष्‍ट पहलू या लक्षण या प्रयुक्‍त दृश्‍यमान भाषा के आधार पर। यद्यपि कुछ निर्णीत मामलों में, उन मामलों के अनोखे तथ्‍यों और परिस्थितियों पर निर्भर रहते हैं।

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