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साँई कम्प्यूटर टायपिंग इंस्टीट्यूट गुलाबरा छिन्दवाड़ा (म0प्र0) संचालक:- लकी श्रीवात्री मो0नां. 9098909565
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एक राजा था जो बूढ़ा हो चुका था। वह अब अपना सारा राजपाठ अपने दोनो पुत्रों में से उस पुत्र के हाथों में सोपना चाहता था, जो इसे अच्छे से संभाल सके जैसा उसने संभाला था। उसका समस्त राज्य हमेशा खुशहाल रहता था। उन्होने अपने दोनों पुत्रों की परीक्षा ली। दो पत्ते लिए एक पर लिखा राजपाठ और दूसरे पर लिखा ज्ञान। दोनों पत्तों को आगे करते हुए अपने पुत्रों से कहा, इन दोनों पत्तों में से तुम्हें कौनसा पत्ता चाहिए तो वो ले लो। उनके बड़े पुत्र ने जल्द से राजपाठ वाला पत्ता उठा लिया। और छोटे ने ज्ञान वाला पत्ता उठां लिया।
राजा ने दोनों पुत्रों से पूछा तुमने राजपाठ वाला पत्ता क्यों उठया और तुमने ज्ञान वाला पत्ता क्यों लिया? बड़े ने कहा मैं बड़ा हूं और इस पूरे राजपाठ पर मेरा अधिकार है। में ही इसका राजा बनूंगा। और छोटे पुत्र ने जवाब दिया, पिताजी अगर मेरे पास ज्ञान होगा तो ऐसे राजपाठ मेरे पास बहुत से हो जाएंगे।
और फिर राजा ने दोनों पुत्रों के उत्तर सुन बड़े पुत्र के हाथो से राजपाठ का पत्ता लेकर छोटे बेटे के हाथें में सौप दिया और बोले पुत्र सही कहा तुमने जहां ज्ञान होता है वहां सबकुछ आपके पास आ जाता है।
राजा ने दोनों पुत्रों से पूछा तुमने राजपाठ वाला पत्ता क्यों उठया और तुमने ज्ञान वाला पत्ता क्यों लिया? बड़े ने कहा मैं बड़ा हूं और इस पूरे राजपाठ पर मेरा अधिकार है। में ही इसका राजा बनूंगा। और छोटे पुत्र ने जवाब दिया, पिताजी अगर मेरे पास ज्ञान होगा तो ऐसे राजपाठ मेरे पास बहुत से हो जाएंगे।
और फिर राजा ने दोनों पुत्रों के उत्तर सुन बड़े पुत्र के हाथो से राजपाठ का पत्ता लेकर छोटे बेटे के हाथें में सौप दिया और बोले पुत्र सही कहा तुमने जहां ज्ञान होता है वहां सबकुछ आपके पास आ जाता है।
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