Text Practice Mode
CPCT CENTER जिला पंचायत उमरिया (म.प्र.) संपर्क:- 9301406862
created Dec 24th 2025, 09:23 by jindgi7717
0
378 words
22 completed
0
Rating visible after 3 or more votes
saving score / loading statistics ...
00:00
क्रिसमस- यह पर्व क्रिसमस या बड़ा दिन ईसा मसीह या यीशु के जन्म की खुशी में मनाया जाने वाला पर्व है। यह 25 दिसंबर को पड़ता है और इस दिन लगभग संपूर्ण विश्व में अवकाश रहता है। क्रिसमस से 12 दिन के उत्सव क्रिसमसटाईड की भी शुरुआत होती हे। एन्नों डोमिनी काल प्रणाली के आधार पर यीशु का जन्म, 7 से 2 ई.पू. के बीच हुआ था। 25 दिसंबर यीशु मसीह के जन्म की कोई ज्ञात वास्तविक जन्म तिथि नहीं है और लगता है कि इस तिथि को एक दूसरे को एक रोमन पर्व से संबंध स्थापित करने के आधार पर चुना गया है। आधुनिक क्रिसमस की छुट्टियों में एक दूसरे को उपहार देना, चर्च में समारोह और विभिन्न सजावट करना शामिल है। इस सजावट का प्रदर्शन में क्रिसमस का पेड, रंग बिरंगी रोशनियॉं, बंडा, जन्म की झांकी और हॉली आदि शामिल हैं। सांता क्लॉज़ (जिसे क्रिसमस का पिता भी कहा जाता है हांलांकि, दोनों का मूल भिन्न है) क्रिसमस से जुड़ी एक लोक्रप्रिय पौराणिक शख्सियत है जिसे अक्सर क्रिसमस पर बच्चों के लिए उपहार लाने के साथ जोड़ा जाता है। सांता के आधुनिक स्वरूप के लिए मीडिया मुख्य रूप से उत्तरदायी है।
क्रिसमस को सभी ईसाई लोग मनाते हैं आजकल कई गैर ईसाई लोग भी इसे सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाते हैं। क्रिसमस के दौरान उपहारों का आदान प्रदान, सजावट का सामान औश्र छुट्टी के दौरान मौजमस्ती के कारण यह एक बड़ी आर्थिक गतिविध बन गया है और अधिकांश खुदरा विक्रताओं के लिए इसका आना एक बड़ी खुशखबरी है।
दुनिया भर के अधिकतर देशों मे यह 25 दिसंबर को मनाया जाता है। क्रिसमस की पूर्व संख्या यानि 24 दिसंबर को ही जर्मनी तथा कुद अन्य देशों में इससे जुड़े समारोह शुरु हो जाते हैं। ब्रिटेन और अन्य राष्ट्रमंडल देशों में क्रिसमस से अगला दिन यानि 26 दिसम्बर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। कुछ कैथोलिक देशों में इसे सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहते हैं। आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च 6 जनवरी को क्रिसमस मनाता है पूर्वी परंपरागत गिरिजा जो जुलियन कैलेंडर को मानता है वो जुलियन वेर्सिओं के अनुसार 25 दिसम्बर को क्रिसमस मनाता है, जो ज्यादा काम में आने वाले ग्रेगोरियन कैलेंडर में 7 जनवरी का दिन होता है क्योंकि इन दोनों कैलेंडरों में 13 दिनों का अंतर होता है।
क्रिसमस को सभी ईसाई लोग मनाते हैं आजकल कई गैर ईसाई लोग भी इसे सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाते हैं। क्रिसमस के दौरान उपहारों का आदान प्रदान, सजावट का सामान औश्र छुट्टी के दौरान मौजमस्ती के कारण यह एक बड़ी आर्थिक गतिविध बन गया है और अधिकांश खुदरा विक्रताओं के लिए इसका आना एक बड़ी खुशखबरी है।
दुनिया भर के अधिकतर देशों मे यह 25 दिसंबर को मनाया जाता है। क्रिसमस की पूर्व संख्या यानि 24 दिसंबर को ही जर्मनी तथा कुद अन्य देशों में इससे जुड़े समारोह शुरु हो जाते हैं। ब्रिटेन और अन्य राष्ट्रमंडल देशों में क्रिसमस से अगला दिन यानि 26 दिसम्बर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। कुछ कैथोलिक देशों में इसे सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहते हैं। आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च 6 जनवरी को क्रिसमस मनाता है पूर्वी परंपरागत गिरिजा जो जुलियन कैलेंडर को मानता है वो जुलियन वेर्सिओं के अनुसार 25 दिसम्बर को क्रिसमस मनाता है, जो ज्यादा काम में आने वाले ग्रेगोरियन कैलेंडर में 7 जनवरी का दिन होता है क्योंकि इन दोनों कैलेंडरों में 13 दिनों का अंतर होता है।
saving score / loading statistics ...