Text Practice Mode
CPCT CENTER जिला पंचायत उमरिया (म.प्र.) संपर्क:- 9301406862
created Monday January 05, 05:56 by R PATEL
0
406 words
101 completed
0
Rating visible after 3 or more votes
saving score / loading statistics ...
00:00
खजुराहो स्मारक समूह जो कि एक हिन्दू और जैन धर्म के स्मारकों का एक समूह है जिसके स्मारक भारतीय राज्य मध्य प्रदेश के छतरपुर क्षेत्र में देखने को मिलते है। ये स्मारक दक्षिण-पूर्व झांसी से लगभग 175 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्मारक समूह यूनेस्को विश्व धरोहर में भारत का एक धरोहर क्षेत्र गिना जाता है। यहॉं के मन्दिर जो कि नागर वास्तुकला से स्थापित किये गए जिसमें ज्यादातर मूर्तियॉं कामुक कला की है अर्थात् अधिकतर मूर्तियॉं नग्न अवस्था में स्थापित है।
खजुराहों के मंदिर में कई तरह की कला कृतियॉं हैं, जिनमें से 10% मंदिर के अंदर और बाहर यौन या कामुक कला है। कुछ मंदिरों में जिनकी दीवारों की दो परतें हैं, अंदर की दीवार के बाहर छोटे-छोटे कामुक नक्काशी हैं। कुछ विद्वानोें का सुझाव है कि ये तांत्रिक यौन क्रियाएं है। अन्य विद्वान कहते हैं कि कामुक कलाएं हिंदु परंपरा का हिस्सा हैं जिसमें काम को मानव जीवन का एक ज़रूरी और सही हिस्सा माना जाता है, और इसका प्रतीकात्मक या स्पष्ट प्रदर्शन हिंदू मंदिरों में आम है। जेम्स मैककोनाची ने कामसूत्र के अपने इतिहास में, यौन-थीम वाली खजुराहों की मूर्तियों को ''कामुक कला का चरम'' बताया है।
मुड़ती हुई, चौड़ी कमर वाली ऊँचे स्तनों वाली अप्सराऍं अपने सुदर आकार वाले और गहनों से सजे शरीर को बेहतरीन ढंग से बनाए गए बाहरी दीवार के पैनलों पर दिखाती हैं। ये मांसल अप्सराएं पत्थर की सतह पर बेफिक्र होकर घूमती हैं, मेकअप करती हैं, अपने बाल धोती हैं, खेल खेलती हैं, नाचती हैं, और लगातार अपनी कमरबंद को बॉंधती और खोलती रहती हैं। ....स्वर्गीय अप्सराओं के बगल में ग्रिफिन, संरक्षक देवता ओर, सबसे कुख्यात रूप से, असाधारण रूप से एक-दूसरे से जुड़े मैथुन, या प्रेम करने वाले जोड़े हैं।
मंदिर में 90% से ज़्यादा कलाकृतियॉं प्राचीन भारतीय संस्कृति में रोज़मर्रा की जि़दगी ओर प्रतीकात्मक मूल्यों के बारे में है।
मंदिरों में कई हज़ार मूर्तियॉं और कलाकृतियॉं हैं, जिनमें अकेले कंदरिया महादेव मंदिर 870 से ज्यादा मूर्तियों से सजा हुआ है। इन मूर्तियों में से लगभग 10% में यौन विषय और विभिन्न यौन मुद्राऍं हैं। एक आम गलतफहमी यह है कि, क्योंकि खजुराहो में नक्काशी वाली पुरानी संरचानाऍं मंदिर हैं, इसलिए नक़्काशी में देवताओं के बीच सेक्स दिखाया गया है। हालॉंकि, काम कलॉंए अलग-अलग इंसानों की विविध यौन अभिव्यक्तियों को दर्शाती है। यह किसी के भी शरीर की अंतरिक अनुभूतियॉं का समावेशन है। इसमें वर्तमान समय में बहुत सी गलत अफवाहें है जिनको उचित शिक्षा प्राप्त करके दूर किया जा सकता है।
खजुराहों के मंदिर में कई तरह की कला कृतियॉं हैं, जिनमें से 10% मंदिर के अंदर और बाहर यौन या कामुक कला है। कुछ मंदिरों में जिनकी दीवारों की दो परतें हैं, अंदर की दीवार के बाहर छोटे-छोटे कामुक नक्काशी हैं। कुछ विद्वानोें का सुझाव है कि ये तांत्रिक यौन क्रियाएं है। अन्य विद्वान कहते हैं कि कामुक कलाएं हिंदु परंपरा का हिस्सा हैं जिसमें काम को मानव जीवन का एक ज़रूरी और सही हिस्सा माना जाता है, और इसका प्रतीकात्मक या स्पष्ट प्रदर्शन हिंदू मंदिरों में आम है। जेम्स मैककोनाची ने कामसूत्र के अपने इतिहास में, यौन-थीम वाली खजुराहों की मूर्तियों को ''कामुक कला का चरम'' बताया है।
मुड़ती हुई, चौड़ी कमर वाली ऊँचे स्तनों वाली अप्सराऍं अपने सुदर आकार वाले और गहनों से सजे शरीर को बेहतरीन ढंग से बनाए गए बाहरी दीवार के पैनलों पर दिखाती हैं। ये मांसल अप्सराएं पत्थर की सतह पर बेफिक्र होकर घूमती हैं, मेकअप करती हैं, अपने बाल धोती हैं, खेल खेलती हैं, नाचती हैं, और लगातार अपनी कमरबंद को बॉंधती और खोलती रहती हैं। ....स्वर्गीय अप्सराओं के बगल में ग्रिफिन, संरक्षक देवता ओर, सबसे कुख्यात रूप से, असाधारण रूप से एक-दूसरे से जुड़े मैथुन, या प्रेम करने वाले जोड़े हैं।
मंदिर में 90% से ज़्यादा कलाकृतियॉं प्राचीन भारतीय संस्कृति में रोज़मर्रा की जि़दगी ओर प्रतीकात्मक मूल्यों के बारे में है।
मंदिरों में कई हज़ार मूर्तियॉं और कलाकृतियॉं हैं, जिनमें अकेले कंदरिया महादेव मंदिर 870 से ज्यादा मूर्तियों से सजा हुआ है। इन मूर्तियों में से लगभग 10% में यौन विषय और विभिन्न यौन मुद्राऍं हैं। एक आम गलतफहमी यह है कि, क्योंकि खजुराहो में नक्काशी वाली पुरानी संरचानाऍं मंदिर हैं, इसलिए नक़्काशी में देवताओं के बीच सेक्स दिखाया गया है। हालॉंकि, काम कलॉंए अलग-अलग इंसानों की विविध यौन अभिव्यक्तियों को दर्शाती है। यह किसी के भी शरीर की अंतरिक अनुभूतियॉं का समावेशन है। इसमें वर्तमान समय में बहुत सी गलत अफवाहें है जिनको उचित शिक्षा प्राप्त करके दूर किया जा सकता है।
saving score / loading statistics ...