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SAHU COMPUTER TYPING CENTER MANSAROVAR COMPLEX CHHINDWARA [M.P.] CPCT ADMISSION OPEN MOB.-8085027543 MP CPCT EXAM TEST
created Monday January 05, 09:34 by sahucpct01
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रूप से चलती है। इसी सहज प्रवाह में जो गीत गाए जाते हैं, उन्हें भटियाली कहा जाता है। इसमें श्रम नहीं, बल्कि अवकाश और लय होती हैं। नाविक के पास स्वर को लंबा खींचने, भाव में डूबने और गीत को विस्तार देने का समय होता है। इसके विपरीत, जब नाव धारा के विरुद्ध ऊपर की ओर जाती है, तब नाविक को तीव्र संघर्ष करना पड़ता है। उस समय गाए जाने वाले गीत उजानिया कहलाते हैं। इनमें स्वर छोटा, तीखा और संघर्षपूर्ण होता है, क्योंकि नाविक के पास विश्राम या विस्तार का अवसर नहीं होता। यह गीत श्रम, संघर्ष व प्रतिरोध की ध्वनि है। इस प्रकार, जीवन की प्रत्येक अभिव्यक्ति, प्रत्येक स्पंदन, किसी न किसी रूप में पर्यावरण से जुड़ा हुआ है। संघर्ष और सामंजस्य, अंधकार और प्रकाश, श्रम और सहजता, यही जीवन की गति है और इसी गति में प्रगति का वास्तविक अर्थ निहित है। बांग्लादेश की पूर्व और पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन के साथ ही पड़ोसी देश की राजनीति में एक युग का अवसान हो गया। उनका जीवन विरोधाभासों और उथल-पुथल से भरा था। अगर वह अपने देश की एकाधिक बार प्रधानमंत्री रहीं, तो उन्हें कारावास से भी गुजरना पड़ा। अगर वह स्वस्थ रहतीं, तो यह सुखद संयोग ही है कि इस बार बांग्लादेश में उनकी पार्टी के चुनाव जीतने की प्रबल संभावना है। उनकी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के लिए तो यह खासतौर पर बहुत गमगीन घड़ी है। बेगम जिया के निधन पर वर्तमान कार्यवाहक सरकार ने देश में तीन दिन के शोक की घोषणा की है, इससे भी पता चलता है कि आने वाला दौर खालिदा जिया के लिए अच्छा होता। उनका तजुर्बा मुल्क के काम आता। उनके इंतकाल के साथ बांग्लादेश की मशहूर दो बेगमों की सियासत का दौर भी पूरा हो गया। बीते 34 वर्ष तक वहां इन दोनों ने राज किया है।
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