Text Practice Mode
SAHU COMPUTER TYPING CENTER MANSAROVAR COMPLEX CHHINDWARA [M.P.] CPCT ADMISSION OPEN MOB.-8085027543 MP CPCT EXAM TEST
created Jan 9th, 04:06 by sahucpct01
0
300 words
9 completed
0
Rating visible after 3 or more votes
saving score / loading statistics ...
00:00
जबरदस्त संभावनाएं हैं और एडवर्ब टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां विनिर्माण और नवाचार मे नए मानक स्थापित कर रही हैं। एडवर्ब ने अपने इकोसिस्टम का निर्माण स्वयं किया है। यह सालाना 1,00,000 रोबोट बनाने में सक्षम है। एडवर्ब ने दिखाया है कि भारतीय सरलता क्या हासिल कर सकती है। मैंने हाल ही में नोएडा में एडवर्ब के एक संयंत्र का दौरा किया और उनके द्वारा विकसित तकनीक और दृष्टिकोण देखकर दंग रह गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक और क्षेत्र है, जहां भारतीय कंपनियां अभूतपूर्व प्रगति कर रही हैं। भारत फोर्ज रक्षा प्रौद्योगिकियों को फिर से परिभाषित करने के लिए एआई का लाभ उठा रहा है, जिसका उदाहरण, 150 मल्टी-पेलोड ड्रोन है, जिसे अद्वितीय कुशलता के साथ बहुत ऊंचाई पर उड़ने के लिए डिजाइन किया गया है। पुणे में भारत फोर्ज के बाबा कल्याणी और उनकी टीम के साथ मुलाकात में मैंने जाना कि मानव रहित हवाई प्रणालियों में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कैसे प्रयास हो रहे हैं। भारत का ड्रोन क्षेत्र भी उतनी ही आशा जगा रहा है। एयर सिस्टम और भारत फोर्ज जैसी कंपनियां ड्रोन द्वारा क्या हासिल किया जा सकता है, इसकी नई रूपरेखा तय कर रही हैं। चिनूक से प्रेरित एंडॺोरएयर के ड्रोन, जैसे सबल, ज्यादा ऊंचाई वाले अभियानों के लिए सशस्त्र बलों की पसंद बन गया है। उनके अलख नैनो ड्रोन का इस्तेमाल आतंक विरोधी अभियानों में किया जाता है। एंडॺोरएयर के नोएडा स्थित संयंत्र में मैंने किफायती और कारगर उन्नत इंजीनियरिंग के बारे में जाना। भारतीय ड्रोन कंपनियां रक्षा और वाणिज्यिक, दोनों जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पाद विकसित कर रही हैं। इन्हें शेयर बाजार में भी समर्थन मिल रहा है। भारत सरकार ने सब्सिडी और तकनीक चोरी पर जोर देने के बजाय पुख्ता नीति के बल पर ड्रोन क्रांति की नींव रखी है। 2021 ड्रोन नीति और 2023 रोबोटिक्स नीति ने स्पष्ट रोडमैप
saving score / loading statistics ...