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BUDDHA ACADEMY TIKAMGARH (MP) || ☺ || ༺•|✤ आपकी सफलता हमारा ध्‍येय ✤|•༻

created Jan 10th, 02:44 by Buddha academy


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भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां ऋतुओं का जीवन में विशेष महत्‍व है। इन्‍हीं ऋतुओं में बसंत ऋतु को 'ऋतुराज' कहा गया है। बसंत पंचमी इस ऋतु का प्रमुख पर्व है, जो माघ मास की शुक्‍ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व प्रकृति, ज्ञान और नवीनता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन चारों ओर उल्‍लास, उमंग और सौंदर्य का वातावरण दिखाई देता है। बसंत पंचमी का धार्मिक और सांस्‍कृतिक महत्‍व अत्‍यंत विशेष है। इस दिन विद्या की देवी मां सरस्‍वती की पूजा की जाती है। मान्‍यता है कि इसी दिन मां सरस्‍वती का प्राकट्य हुआ था, इसलिए विद्यार्थी, शिक्षक, कलाकार और विद्वान इस दिन विशेष रूप से उनकी आराधना करते हैं। विद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्‍थानों में सरस्‍वती पूजन का आयोजन होता है। विद्यार्थी अपनी पुस्‍तकों, लेखनी और वाद्य यंत्रों को मां के चरणों में रखकर ज्ञान, बुद्धि और विवेक की कामना करते हैं।
    इस पर्व में पीले रंग का विशेष महत्‍व है। पीला रंग बसंत ऋतु, प्रसन्‍नता, ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। लोग पीले वस्‍त्र धारण करते हैं और घरों में पीले रंग के व्‍यंजन जैसे केसरिया खीर, पीले चावल और बेसन के लड्डू बनाए जाते हैं। खेतों में सरसों की पीली पीली फसलें लहराती हुई दिखाई देती हैं, जो किसानों के मन में आशा और आनंद का संचार करती हैं। आम के पेड़ों पर मौर आने लगते हैं और चारों ओर रंग बिरंगे फूल खिल उठते हैं।
    बसंत पंचमी का संबंध केवल धार्मिक आस्‍था तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका सांस्‍कृतिक और सामाजिक पक्ष भी अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है। इस दिन कई स्‍थानों पर पतंग उड़ाने की परंपरा है। आकाश रंग बिरंगी पतंगों से भर जाता है, जिससे वातावरण और भी मनोहारी हो जाता है। कवि सम्‍मेलनों, सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों और संगीत समारोहों का भी आयोजन किया जाता है। बसंत पंचमी से कई शुभ कार्यों जैसे शिक्षा का आरंभ, गृह प्रवेश और विवाह आदि की शुरूआत भी की जाती है, क्‍योंकि इसे अत्‍यंत शुभ दिन माना जाता है।
    ऐतिहासिक दृष्टि से भी बसंत पंचमी का महत्‍व उल्‍लेखनीय है। कहा जाता है कि महान कवि कालिदास ने इसी दिन मां सरस्‍वती की आराधना कर विद्या प्राप्‍त की थी। सिख धर्म में भी इस दिन का विशेष स्‍थान है, क्‍योंकि बालक हकीकत राय ने धर्म की रक्षा हेतु इसी दिन बलिदान दिया था। बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन में ज्ञान, सृजन और सकारात्‍मकता का संदेश देने वाला उत्‍सव है। यह हमें प्रकृति के सौंदर्य को पहचानने, विद्या का सम्‍मान करने और जीवन में नए (बुद्ध अकादमी टीकमगढ़) उत्‍साह के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। बसंत पंचमी का यह पावन पर्व हमारे जीवन में आनंद, शांति और समृद्धि लेकर आता है।

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