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वर्ष 2026 भारत के वाणिज्य और उद्योग परिदृश्य hindi test upsi asi post

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में नया विश्वास और आशावाद लेकर आया है। 2025 में उठाए गए निर्णायक कदम व्यापार और निवेश को तेजी से आगे बढ़ाने, छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए वैश्विक बाजार तक पहुंच बढ़ाने, रोजगार सृजन करने और प्रत्येक नागरिक के लिए ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री जी के मिशन को और मजबूत करने वाले रहे। 2025 एक सेतु-निर्माण का वर्ष रहा। आगे और भी उत्साहजनक कदम आने वाले हैं। नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा के नेतृत्व में एक पैनल व्यापक सुधारों का अध्ययन कर रहा है, जो प्रधानमंत्री की ‘रिफार्म एक्सप्रेस’ को और तेज करेगा। आज भारत में दो लाख से अधिक सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं। स्टार्टअप्स को समर्थन देने का उद्देश्य आर्थिक विकास को तेज करना, रोजगार के अवसर पैदा करना और प्रत्येक नागरिक, विशेष रूप से गरीबों के जीवन स्तर में सुधार करना है।आज भारत वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद और विश्वसनीय व्यापार साझेदार के रूप में पहचाना जा रहा है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का कुल निर्यात छह प्रतिशत बढ़कर रिकार्ड 825.25 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। निर्यातकों को और समर्थन देने के लिए सरकार ने 25,060 करोड़ रुपये का निर्यात प्रोत्साहन मिशन घोषित किया है। भारत की व्यापार और निवेश रणनीति का मूल मंत्र स्थानीय उद्यमियों विशेषकर छोटे व्यवसायों, स्टार्टअप्स, किसानों और कारीगरों को सशक्त बनाकर उन्हें वैश्विक सफलता दिलाना है। इसी के अंतर्गत भारत ने पिछले वर्ष तीन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए, जिनसे भारतीय उत्पादों को यूके, न्यूजीलैंड और ओमान जैसे विकसित बाजारों में ड्यूटी-फ्री पहुंच मिली। ये एफटीए भी सुधार प्रक्रिया का हिस्सा हैं। यूपीए सरकार के विपरीत मोदी सरकार ने विकसित देशों के साथ संतुलित और लाभकारी समझौतों को प्राथमिकता दी है। इन एफटीए से रोजगार सृजन तेज होगा, निवेश बढ़ेगा और छोटे व्यवसायों, छात्रों, महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए परिवर्तनकारी अवसर खुलेंगे। मुक्त व्यापार समझौतों के अतिरिक्त स्विट्जरलैंड, नार्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन वाले यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (एफ्टा) के साथ 2024 में किया गया एफटीए भी अब लागू हो चुका है। सभी एफटीए में भारत के कृषि और डेरी क्षेत्रों को सुरक्षित रखा गया है। इन समझौतों से भारतीय निर्यात को त्वरित या शीघ्र टैरिफ समाप्ति का लाभ मिलता है, जबकि भारत में बाजार खोलना संतुलित और चरणबद्ध रखा गया है। यह निवेश कृषि, डेरी, एमएसएमई, शिक्षा, खेल और युवा विकास में सहायक होगा, जिससे समावेशी और व्यापक विकास सुनिश्चित होगा। 2024-25 तक के पिछले

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