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TRIVENI TYPING MANSAROVAR COMPLEX CHHINDWARA MOB-7089973746

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अमेरिकी रणनीतियों से वैश्विक पहेलियां उलझती जा रही हैं, जिससे हम समाधान के बजाय समस्याओं की ओर बढ़ रहे हैं। अमेरिका केवल अपने अनुरूप परिवर्तन करने में लगा है और इस मोर्चे पर वह किसी भी देश की किसी भी सलाह पर कान नहीं दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने उचित ही कहा है कि वैश्विक समस्याओं का समाधान किसी एक शक्ति के दखल से नहीं होगा। गुटेरस ने अपने कार्यकाल के दसवें और अंतिम वर्ष की शुरुआत के अवसर पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अमेरिकी रवैये पर निराशा का इजहार किया है। निराशा और गुस्सा जायज भी है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार भी संयुक्त राष्ट्र का नाम नहीं ले रहे हैं। ट्रंप ने उन तमाम अमेरिकी राष्ट्रपतियों के प्रयासों पर पानी फेर दिया है, जो संयुक्त राष्ट्र का आदर करते थे। बदलती या बिगड़ती दुनिया को लेकर अगर आज गहरी चिंता है, तो होनी ही चाहिए। गुटेरस ने यह समझाने की कोशिश की है कि आज कई लोग अमेरिका और चीन के दो ध्रुवों वाले भविष्य की कल्पना करने लगे हैं, लेकिन यदि हम एक स्थिर विश्व चाहते हैं, तो हमें बहुध्रुवीयता का समर्थन करना होगा। उधर, गाजा में शांति का भविष्य भी खतरे में है, क्योंकि प्रमुख यूरोपीय देशों ने ट्रंप के शांति बोर्ड के निमंत्रण को ठुकरा दिया है। इतना ही नहीं, हमेशा अमेरिका के सहयोगी रहे ब्रिटेन ने वैश्विक समस्याओं से निपटने में संयुक्त राष्ट्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया है। गाजा में जहां उम्मीद की किरणें मद्धम पड़ रही हैं, वहीं ईरान को घेरने की अमेरिकी कोशिश मुसलसल आगे बढ़ रही है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान के साथ तनाव के बीच बहुत बड़े और शक्तिशाली जहाज ईरान की ओर बढ़ रहे हैं। ट्रंप की ईरान संबंधी नीति निंदनीय है। वह ईरान में विरोध या

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