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TRIVENI TYPING MANSAROVAR COMPLEX CHHINDWARA MOB-7089973746

created Thursday February 05, 10:31 by TRIVENITYPING


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विज्ञान ने मानव सभ्‍यता के विकास में अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज हम जिस दौर में जी रहे हैं, वह पूरी तरह से विज्ञान की देन है। प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक, मनुष्‍य की जिज्ञासा और नई चीजों को खोजने की इच्‍छा ने विज्ञान को जन्‍म दिया। विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन के हर पहलू में समाहित है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक, हम लगातार विज्ञान से घिरी हुई वस्‍तुओं का उपयोग करते हैं। विज्ञान की सबसे पहली और बड़ी उपलब्धि स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में रही है। प्राचीन समय में साधारण बीमारियॉं भी इंसान के लिए काल का ग्रास बन जाती थीं, लेकिन विज्ञान ने वैक्‍सीन, एंटीबायोटिक्‍स और उन्‍नत चिकित्‍सा उपकरणों के माध्‍यम से असाध्‍य रोगों पर नियंत्रण पा लिया है। कैंसर, हृदय रोग और संक्रामक बीमारियों का इलाज अब संभव है। चिकित्‍सा क्षेत्र में एमआरआई, सीटी स्‍कैन और रोबोटिक सर्जरी जैसी तकनीकों ने इंसानी जिंदगी को बचाने और उसे बेहतर बनाने में मदद की है। संचार और सूचना प्रौद्योगिकी ने दुनिया को एक वैश्विक गॉंव में बदल दिया है। इंटरनेट, स्‍मार्टफोन और कंप्‍यूटर के माध्‍यम से हम दुनिया के किसी भी कोने में सेकंडों में जानकारी भेज सकते हैं। पहले जहॉं संदेश भेजने में महीनों लग जाते थे, अब वीडियो कॉल के माध्‍यम से हम अपने प्रियजनों से सीधे बात कर सकते हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल प्‍लेटफॉर्म ने ज्ञान और सूचना को सभी के लिये सुलभ बना दिया है। परिवहन के क्षेत्र में विज्ञान ने अभूतपूर्व प्रगति की है। पहिये के आविष्‍कार से लेकर आज के बुलेट ट्रेन, हवाई जहाज और इलेक्ट्रिक वाहनो तक का सफर विज्ञान की शक्ति को दर्शाता है। अंतरिक्ष विज्ञान में तो मनुष्‍य ने चॉंद और मंगल तक अपनी पहुँच बना ली है। उपग्रहों की मदद से मौसम की भविष्‍यवाणी, नेविगेशन और दूरदर्शन का प्रसारण संभव हो पाया है। शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में भी विज्ञान ने चमत्‍कारिक परिवर्तन किए हैं। ई-लर्निंग और स्‍मार्ट क्‍लासरूम ने सीखने के तरीकों को बदल दिया है। हरित क्रांति के माध्‍यम से, नई कृषि तकनीकों और उच्‍च उपज देने वाले बीजों के कारण हम लाखों लोगों को भोजन प्रदान करने में सक्षम हुए है। हालॉंकि, विज्ञान के लाभों के साथ-साथ कुछ चुनौतिया भी हैं। विज्ञान एक दोहरा हथियार भी हैं। परमाणु ऊर्जा का उपयोग बिजली उत्‍पादन के लिए भी हो सकता है और विनाशकारी हथियारोंं के लिये भी। इसी प्रकार, औद्योगिक विकास ने पर्यावरण को नुकसान पहुँचाया है, जिससे प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्‍याएं पैदा हुई हैं। अब समय गया है कि हम विज्ञान का उपयोग संवेदनशीलता के साथ करें। पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ विकास ही भविष्‍य की कुंजी है। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और अन्‍य नवीकरणीय स्‍त्रोतों को अपना मानकर हम विज्ञान के माध्‍यम से ही इन समस्‍याओं का समाधान खोज सकते हैं। हमें विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाना होगा।निष्‍कर्षत:, विज्ञान मानव प्रगति का मुख्‍य स्‍तंभ है। यह हमें सोचने, तर्क करने और नई खोज करने की शक्ति प्रदान करता है। विज्ञान की मदद से हम एक बेहतर, सुरक्षित और अधिक आरामदायक दुनिया का निर्माण कर सकते हैं। यह मानवता के लिए वरदान है, बशर्ते इसका उपयोग समझदारी और मानवता की भलाई के लिए किया जाए।  
नोट:- यह लेख साकेत साखरे द्वारा टंकित किया गया हैं।

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